Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांगपोकपी जिले की सुनुलोक पहाड़ियों में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद राज्य में तनाव और बढ़ गया है। घटना के विरोध में मैरा पैबी महिला कार्यकर्ताओं ने मशाल रैली निकाली और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
एनएच-2 पर निकाली गई मशाल रैली
मैरा पैबी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर केइकॉन गांव से लुवांगसांगबाम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक मशाल रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने सुनुलोक पहाड़ियों में हुई घटना की निंदा करते हुए मृतकों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। इस बीच, तीन मैतेई पुरुषों की हत्या के विरोध में बुधवार को इम्फाल स्थित खुमान लंपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाहर प्रदर्शन
घटना के समय मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और राज्य के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘फर्स्ट मणिपुर पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप’ में शामिल थे। कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब राज्य में निर्दोष नागरिकों की हत्या हो रही है, तब मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को खेल आयोजन में शामिल होने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश भी की।
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े। इस दौरान तीन लोगों के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई। दूसरी ओर, खबेसोई इलाके में प्रदर्शनकारियों ने राज्यसभा सांसद ए. शारदा देवी और गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के पुतले जलाए। मैरा पैबी कार्यकर्ता सांसद के आवास पर भी पहुंचे और इस मामले पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। बताया गया कि वीडियो कॉल के जरिए आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी वहां से लौटे।
विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओकराम इबोबी, कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं ने खामेनलोक क्षेत्र के लैम्बोइखुल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सुनुलोक पहाड़ियों की घटना में मारे गए तीन नागरिकों के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। 19 अक्टूबर को लकड़ी बीनने गए 14 मैतेई पुरुषों पर कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया गया था। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
48 घंटे के बंद से बाजार और परिवहन प्रभावित
हत्याओं के विरोध में नेगेटिव पीपल कमेटी मणिपुर की ओर से मंगलवार आधी रात से 48 घंटे का बंद बुलाया गया। इसके कारण इम्फाल घाटी के पांच जिलों में बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। थौबल जिले के पेची गांव के पास बंद लागू कराने का दावा करने वाले कुछ लोगों ने चार दिहाड़ी मजदूरों से मारपीट की। इनमें एक मजदूर घायल हो गया। पुलिस ने चारों को बचाकर मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
जातीय संघर्ष से पहले ही प्रभावित है राज्य
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। इस साल फरवरी से कुकी और नागा समुदायों के बीच हुई झड़पों में भी लगभग 50 लोगों की जान जाने की खबर है। ताजा हत्याओं के बाद राज्य में शांति बहाली, नागरिकों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं।
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