UP Police Allowances : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित स्मृति परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने फील्ड ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के कुछ भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया। सरकार के इस फैसले से संबंधित श्रेणियों के कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता बढ़ा
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को मिलने वाला मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया जा रहा है। इस फैसले से पात्र पुलिस अधिकारियों को हर महीने पहले की तुलना में 300 रुपये अधिक मिलेंगे। फील्ड में तैनात अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर पहुंचने और ड्यूटी संबंधी जिम्मेदारियां निभाने के लिए लगातार आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में मोटरसाइकिल भत्ते में बढ़ोतरी को उनके कार्य से जुड़ी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 15 हजार रुपये होगा
योगी आदित्यनाथ ने प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) संवर्ग के अधिकारियों के वर्दी भत्ते में भी बढ़ोतरी की घोषणा की। मौजूदा 6,400 रुपये के वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 15,000 रुपये किया जाएगा। यानी इस मद में 8,600 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वर्दी भत्ता पुलिस अधिकारियों की निर्धारित वर्दी और उससे संबंधित आवश्यकताओं के लिए दिया जाता है। हालांकि, नई दर कब से लागू होगी और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होगी।
आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता बढ़ा
मुख्यमंत्री ने फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों के सिम भत्ते को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का भी ऐलान किया। इससे पात्र कर्मचारियों को इस मद में 500 रुपये अधिक मिलेंगे। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी समन्वय के लिए मोबाइल संचार की जरूरत होती है। सरकार की घोषणा इसी आवश्यकता से जुड़ी है। इन बदलावों के लागू होने की तारीख और पात्रता से संबंधित जानकारी आधिकारिक आदेश के आधार पर देखी जानी चाहिए।
शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीरों को नमन
स्मृति परेड से पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के बलिदान का ऋण राष्ट्र कभी नहीं चुका सकता। उनके मुताबिक, पुलिस बल की सतर्कता, प्रतिबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा प्रदेश में कानून का राज कायम रखने की आधारशिला है। यह दिवस उन पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
नागरिकों की सुरक्षा के पीछे पुलिस का निरंतर परिश्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित विद्यालय पहुंचना, महिलाओं का निर्भय होकर बाहर निकलना, व्यापारियों का बिना भय कारोबार करना और संकट में नागरिकों को मदद मिलना पुलिसकर्मियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विजयादशमी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब लोग त्योहार मना रहे होते हैं, तब पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, शहीदों का योगदान केवल स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र की चेतना में हमेशा जीवित रहता है। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य और सेवा की प्रेरणा देता है।
पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक संदर्भों का भी जिक्र किया। उन्होंने 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिंद सरकार की स्थापना और वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले का सामना करते हुए शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवानों को याद किया। इन घटनाओं को उन्होंने साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा से जोड़ा।
पूर्ववर्ती सरकार पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था और कई बार अधिकारियों को ही कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। उन्होंने उस दौर की पुलिस व्यवस्था, थानों की खराब इमारतों और पीएसी कंपनियों को बंद करने के कथित प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने मौजूदा व्यवस्था में पुलिस की भूमिका और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
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