Surajpur Double Murder Case : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षिका और उसके 17 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। विश्रामपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत केशवनगर स्थित ममता कॉलोनी में रहने वाली 40 वर्षीय शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल बरेठ की हत्या के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने कथित आरोपी का वाहन बरामद किया है। गुरुवार को पुलिस आरोपी को लेकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंची और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच करती रही। मामले का आधिकारिक खुलासा शुक्रवार को किए जाने की संभावना जताई गई है।
10 अक्टूबर को मिला था 17 वर्षीय सुजल का शव
इस मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर को हुई थी, जब जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर स्थित कोरेया बाड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से कुछ दूरी पर कच्ची सड़क के किनारे एक किशोर का शव बरामद हुआ था। शुरुआती समय में मृतक की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी। पुलिस ने पहचान स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए। बाद में मृतक की पहचान विश्रामपुर के कार्मेल कन्वेंट स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र सुजल बरेठ के रूप में हुई। इसके बाद जांच का दायरा उसके परिवार और केशवनगर स्थित निवास तक पहुंचा।
किराए के मकान में मिला शिक्षिका रजनी बरेठ का शव
सुजल की पहचान सामने आने के बाद पुलिस केशवनगर की ममता कॉलोनी स्थित उसके किराए के मकान पर पहुंची। बताया गया कि मकान के बाहर ताला लगा हुआ था। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में ताला खुलवाकर पुलिस ने घर की तलाशी ली। इसी दौरान शिक्षिका रजनी बरेठ का शव बाथरूम में खून से लथपथ हालत में मिला। एक ही परिवार के मां-बेटे की हत्या की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया
पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी और उन्हें मौके पर बुलाया। इसके बाद शवों का पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। बाद में मां और बेटे का अंतिम संस्कार रायगढ़ में किया गया। इस दोहरे हत्याकांड ने परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने और संदिग्ध तक पहुंचने की थी।
मोबाइल फोन गायब होने से जांच में आई चुनौती
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित पुलिस टीम जांच में जुटी रही। पुलिस के लिए मृतकों के मोबाइल फोन का गायब होना भी अहम चुनौती बना हुआ था। जांच के दौरान संदिग्ध फोन नंबरों को ट्रेस किया गया और शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इन प्रयासों के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने और कथित आरोपी तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।
आरोपी का वाहन बरामद, कई स्थानों पर ले जाकर जांच
पुलिस ने कथित आरोपी का वाहन बरामद कर लिया है। गुरुवार को पुलिस उसे लेकर विभिन्न स्थानों पर पहुंची और घटना से जुड़े संभावित सुरागों की जांच करती रही। पुलिस मृतकों के गायब मोबाइल फोन, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार और हत्या के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जानकारी में अवैध संबंधों को संभावित वजह बताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और पुलिस के विस्तृत बयान के बाद ही मानी जानी चाहिए।
शुक्रवार को हो सकता है मामले का आधिकारिक खुलासा
फिलहाल पुलिस की जांच में वाहन की बरामदगी और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुक्रवार को मामले का खुलासा किए जाने की संभावना जताई गई है। आधिकारिक जानकारी सामने आने पर ही कथित आरोपी की पहचान, घटनाक्रम और हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकेगी। जब तक पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं होती, तब तक आरोपों को अंतिम तथ्य मानने से बचना चाहिए।
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