eMudhra News : डिजिटल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी ईमुद्रा (eMudhra) ने वेबसाइटों के लिए SSL/TLS सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने वाले कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी के आठ प्रमाणन प्राधिकरणों (Certificate Authorities यानी CA) की सुरक्षा कुंजियों में कमजोरी सामने आने के बाद उठाया गया। इस घटनाक्रम ने डिजिटल प्रमाणपत्रों की सुरक्षा, ऑनलाइन भुगतान और वेबसाइटों पर उपभोक्ताओं के भरोसे से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
शेयर बाजार में 20 प्रतिशत की गिरावट
इस खबर का असर कंपनी के शेयर पर भी दिखाई दिया। बृहस्पतिवार को बीएसई में ईमुद्रा का शेयर 20 प्रतिशत गिरकर 345.25 रुपये के निचले सर्किट पर पहुंच गया। शेयर में तेज गिरावट के बाद निवेशकों का ध्यान कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था, कारोबार से बाहर निकलने के फैसले और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित हो गया। हालांकि, किसी शेयर की कीमत में गिरावट के पीछे कई कारक हो सकते हैं और निवेश से जुड़े निर्णय लेने से पहले आधिकारिक घोषणाओं तथा बाजार संबंधी जानकारी का अध्ययन करना जरूरी है।
आठ प्रमाणन प्राधिकरणों की कुंजियों में मिली कमजोरी
पीटीआई/भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईमुद्रा डिजिटल हस्ताक्षर और वेबसाइट सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के आठ प्रमाणन प्राधिकरणों की सुरक्षा कुंजियों में निर्धारित मानकों के मुकाबले कमजोरी पाई गई। साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने इस बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला को जानकारी दी थी। शोधकर्ता के अनुसार, कुछ कमजोर कुंजियों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से विश्लेषण करके उनकी गुप्त जानकारी का पता लगाया जा सकता था। इस तरह की कमजोरी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और डिजिटल पहचान की विश्वसनीयता के लिए गंभीर चिंता पैदा कर सकती है।
फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को निशाना बनाने का खतरा
वेबसाइट सुरक्षा प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि इंटरनेट पर डेटा का आदान-प्रदान सुरक्षित कनेक्शन के जरिए हो। यदि कोई हमलावर प्रमाणपत्र से जुड़ी कमजोरियों का गलत फायदा उठाता, तो वह किसी वास्तविक भुगतान सेवा जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाने की कोशिश कर सकता था। ऐसी वेबसाइट के जरिए लोगों को भुगतान करने या निजी जानकारी साझा करने के लिए भ्रमित किया जा सकता है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इस आशंका का जिक्र है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि वास्तव में ऐसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए किसी उपभोक्ता को नुकसान पहुंचाया गया।
SSL और TLS प्रमाणपत्र क्यों हैं महत्वपूर्ण?
SSL और TLS इंटरनेट पर वेबसाइट तथा ब्राउजर के बीच भेजी जाने वाली जानकारी को एन्क्रिप्ट करने में मदद करते हैं। सुरक्षित कनेक्शन वाली वेबसाइटों के पते की शुरुआत आमतौर पर HTTPS से होती है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स और अन्य इंटरनेट सेवाओं में इन तकनीकों की अहम भूमिका है। फिर भी, केवल HTTPS दिखने से किसी वेबसाइट की पूरी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं मिलती। उपयोगकर्ताओं को वेबसाइट का सही पता जांचना चाहिए और अनजान लिंक पर बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
MeitY ने जांच के लिए गठित किया विशेष दल
मामले की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सुरक्षा घटना की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है। कंपनी के चेयरमैन वी. श्रीनिवासन के अनुसार, खामी का पता चलने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित प्रमाणन प्राधिकरणों को निरस्त कर दिया गया था। कंपनी का दावा है कि इन प्राधिकरणों के माध्यम से अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। ईमुद्रा ने यह भी कहा कि उसके बुनियादी ढांचे से छेड़छाड़ या डेटा चोरी नहीं हुई। इन दावों और घटना के प्रभाव का आकलन आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाना चाहिए।
कंपनी अब मुख्य डिजिटल ट्रस्ट सेवाओं पर करेगी ध्यान
ईमुद्रा के मुताबिक, SSL/TLS प्रमाणपत्र कारोबार से उसे कुल वैश्विक राजस्व का लगभग एक प्रतिशत मिलता है। कंपनी ने इस क्षेत्र में बढ़ती अनुपालन लागत और कुछ बड़ी कंपनियों की ओर से मुफ्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाने को भी कारोबार से बाहर निकलने के कारणों में शामिल किया है। अब कंपनी अपने मुख्य उद्यम समाधानों और SSL/TLS से अलग डिजिटल ट्रस्ट सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। सुरक्षा खामी के खुलासे, जांच और कारोबार छोड़ने के फैसले के बीच कंपनी के शेयर में आई गिरावट ने इस मामले को निवेशकों और साइबर सुरक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बना दिया है।
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