US Israel Iran Conflict : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य अभियान शुरू करने की संभावना जताई है। फ्लोरिडा में आयोजित रैली के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका एक और छोटा ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकता है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं।
हमले की स्थिति में समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल काटने की तैयारी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और इजरायल की ओर से दोबारा हमला किए जाने की स्थिति में तेहरान खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बनाने की योजना तैयार कर चुका है। अधिकारियों के अनुसार, ईरान का उद्देश्य संभावित हमलों के जवाब में संचार व्यवस्था को प्रभावित करना हो सकता है। एक अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद उनकी मरम्मत में बाधा डालकर व्यवधान को लंबे समय तक बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, योजना के संभावित ठिकानों और कार्रवाई के तरीकों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ट्रंप बोले, अमेरिका युद्ध को जल्द समाप्त कर सकता है
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को बहुत जल्दी समाप्त कर सकता है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि संघर्ष को तत्काल खत्म करना बेहतर होगा या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही जारी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। युद्ध समाप्त करने की समयसीमा और आगे की रणनीति को लेकर उनके अलग-अलग बयानों से स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद बढ़ सकता है संघर्ष
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की सेनाएं चुनावों के बाद ईरान पर नए हमलों की संभावनाओं को लेकर तैयारी कर रही हैं। संभावित लक्ष्यों में ईरान का ऊर्जा बुनियादी ढांचा, परमाणु सुविधाएं और मिसाइल एवं ड्रोन भंडार शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इन रिपोर्टों का मतलब यह नहीं है कि हमले का अंतिम निर्णय हो चुका है। ट्रंप ने पहले कहा था कि तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर नए हमले नहीं किए जाएंगे। इन चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण का फैसला होना है।
कई देशों ने सैन्य कार्रवाई के आर्थिक परिणामों पर जताई चिंता
इस्तांबुल में हुई एक बैठक के बाद कई देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले को लेकर चिंता व्यक्त की। बैठक में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि नए हमले संघर्ष को और व्यापक बना सकते हैं तथा गंभीर आर्थिक परिणाम पैदा कर सकते हैं। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संचार व्यवस्था पर संभावित असर भी चिंता का विषय है।
इंटरनेट और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा संभालती हैं। यदि खाड़ी क्षेत्र में कई केबल क्षतिग्रस्त होती हैं, तो क्षेत्रीय इंटरनेट सेवाओं, डिजिटल भुगतान, कारोबार और क्लाउड सेवाओं में व्यवधान पैदा हो सकता है। हालांकि, वैश्विक इंटरनेट पर इसका वास्तविक प्रभाव प्रभावित केबलों और वैकल्पिक नेटवर्क की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। ऐसे में अमेरिका-ईरान संघर्ष का अगला चरण सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ तकनीकी और आर्थिक सुरक्षा के लिए भी अहम साबित हो सकता है।
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