Bihar News : बिहार के नालंदा जिले में सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से लापता 15 वर्षीय छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। छात्र की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान शव रखकर हंगामा किए जाने और बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को जाम करने की जानकारी सामने आई। परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
चार साल से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था छात्र
मृतक छात्र की पहचान पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के बुढ़रा गांव निवासी आलोक राज के 15 वर्षीय बेटे आनंद कुमार के रूप में बताई गई है। वह आठवीं कक्षा में पढ़ता था और पिछले करीब चार वर्षों से नालंदा के कोसुक स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के आवासीय हॉस्टल में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, दुर्गापूजा की छुट्टी के बाद उसके पिता उसे वापस हॉस्टल छोड़ने पहुंचे थे। उस समय छात्र सामान्य दिखाई दे रहा था। इसके बाद कुछ ही घंटों में परिवार को अप्रत्याशित घटनाक्रम की जानकारी मिली।
पहले भागने और फिर नदी में डूबने की सूचना मिलने का दावा
छात्र के पिता आलोक राज का आरोप है कि बेटे को हॉस्टल छोड़ने के कुछ समय बाद स्कूल की ओर से फोन आया। उन्हें कथित तौर पर एक लड़की से जुड़े मामले की जानकारी दी गई। पिता ने बेटे से बात की तो उसने ऐसी किसी घटना से इनकार किया। इसके बाद स्कूल की ओर से छात्र के भाग जाने की सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद पंचाने नदी में उसके डूबने की बात बताई गई। परिजनों का कहना है कि लगातार अलग-अलग जानकारी मिलने से उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।
पिता ने शिक्षक पर लगाया पीटकर हत्या करने का आरोप
छात्र के पिता और चाचा प्रशांत कुमार ने स्कूल प्रबंधन तथा कुछ शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पिता का आरोप है कि शिक्षक ने उनके बेटे की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई। परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि हॉस्टल में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे, तो छात्र परिसर से बाहर कैसे पहुंचा? परिवार ने कथित तौर पर पहले हुई मारपीट और सीसीटीवी कैमरे से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच कराने की मांग की है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पंचाने नदी के पास मिले कपड़े, तलाशी अभियान भी चला
घटना के शुरुआती घटनाक्रम में स्कूल के पीछे पंचाने नदी के किनारे छात्र की टी-शर्ट मिलने की जानकारी सामने आई थी। स्थानीय लोगों द्वारा छात्र को नदी की ओर जाते देखने और डूबने की आशंका जताए जाने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया। स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम की मदद भी ली गई। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी और परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच शुरू की। नदी में तलाशी और छात्र की मौत से जुड़े घटनाक्रम की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण है।
स्कूल के सामने प्रदर्शन, छह थानों की पुलिस पहुंची
छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, शव रखकर विरोध जताया गया और बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई।
जांच के बाद स्पष्ट होंगे मौत के कारण
मामले में सबसे अहम सवाल छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और स्कूल की ओर से दी गई सूचनाओं में अंतर क्यों था। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल पिता द्वारा शिक्षक पर लगाए गए आरोपों को जांच के जरिए सत्यापित किया जाना बाकी है। मौत के वास्तविक कारण और किसी की जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना होगा।
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