Trump News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डलास में आयोजित रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कई चर्चित और चौंकाने वाले दावे किए। अपने भाषण में उन्होंने कनाडा, मेक्सिको और ईरान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की। ट्रंप ने अमेरिका के पड़ोसी देशों और रणनीतिक क्षेत्रों को लेकर भी मजाकिया अंदाज में कई नाम बदलने की बातें कहीं। उनके बयानों ने राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को तेज कर दिया है।

लेक ओंटारियो का नाम ‘लेक अमेरिका’ रखने की बात
ट्रंप ने कनाडा के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और इसके लिए बेताब है। इसी दौरान उन्होंने दावा किया कि लेक ओंटारियो का नाम अब ‘लेक अमेरिका’ रखा जाना चाहिए। ट्रंप के इस बयान को उनके खास अंदाज में दिए गए एक राजनीतिक और व्यंग्यात्मक बयान के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कनाडा के साथ बातचीत को लेकर भी अपनी बात रखी।

न्यू मैक्सिको का नाम ‘न्यू अमेरिका’ करने का सुझाव
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के दौरान अमेरिका के एक राज्य का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पड़ोसी राज्य न्यू मैक्सिको का नाम ‘न्यू अमेरिका’ होना चाहिए। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही, जब उनके भाषण में अमेरिका की ताकत, क्षेत्रीय प्रभाव और पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्रमुख मुद्दे बने हुए थे। ट्रंप के इस बयान ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कहने की बात
ईरान के साथ जारी युद्ध का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी मजाकिया अंदाज में बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर देना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ईरान का नेतृत्व निश्चित रूप से इस नाम से खुश होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान के परमाणु हथियारों पर ट्रंप की सख्त चेतावनी
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकता। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो परिस्थितियां बेहद अलग होतीं। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान के सर्वोच्च नेता और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उदाहरण देते हुए अपनी नीति का बचाव किया।

अमेरिकी चुनाव को लेकर ईरान पर लगाया आरोप
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी चुनाव तक इंतजार कर रहा है। उनका आरोप है कि तेहरान उम्मीद कर रहा है कि यदि डेमोक्रेट कमजोर स्थिति में सत्ता में आते हैं, तो उसे बेहतर समझौता मिल सकता है और वह परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते के लिए बेहद बेताब है और चुनाव के तुरंत बाद उसका रुख बदल सकता है।
युद्ध खत्म होने पर तेल कीमतें गिरने का दावा
ईरान के साथ युद्ध का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद अमेरिका में गैस की कीमतें तेजी से नीचे जा सकती हैं। ऊर्जा कीमतों को लेकर ट्रंप का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
रिपब्लिकन जीत पर 5000 डॉलर लाभांश का ऐलान
डलास में आयोजित रिपब्लिकन नेशनल काउंसिल के मध्यावधि सम्मेलन में ट्रंप ने 2026 के चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि रिपब्लिकन पार्टी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बहुमत हासिल करती है, तो वह प्रत्येक वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का लाभांश जारी करेंगे। ट्रंप के इस वादे ने उनके भाषण को और अधिक सुर्खियों में ला दिया।
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