Lovers Suicide : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना थाना क्षेत्र स्थित रामपुर खेवटा गांव में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। समाज और जाति की बेड़ियों के आगे हार मानकर एक प्रेमी जोड़े ने खुदकुशी कर ली। शुक्रवार शाम से लापता 22 वर्षीय प्रियवंश और 19 वर्षीय रजनी के शव शनिवार सुबह गांव के बाहर एक पेड़ से लटके मिले। यह घटना केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि उस कड़वे सच का आईना है जो आज भी ग्रामीण समाज में जातिगत पूर्वाग्रहों और प्रेम के प्रति संकुचित सोच को दर्शाता है।
जाति की दीवार और जबरन तय शादी बनी आत्महत्या का कारण
मृतक प्रियवंश और रजनी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। वे एक-दूसरे के साथ अपना जीवन बिताना चाहते थे, लेकिन उनकी इस प्रेम कहानी के बीच जाति का एक ऐसा कांटा था जिसे परिवार और समाज स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। प्रियवंश आरख जाति से था, जबकि रजनी नाई बिरादरी से ताल्लुक रखती थी। परिजनों ने रजनी की मर्जी के खिलाफ उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया था। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब रजनी का तिलक कार्यक्रम भी संपन्न हो गया। अपनी मोहब्बत को किसी और की होती देख दोनों पूरी तरह टूट गए और मानसिक तनाव में आकर उन्होंने मौत को गले लगाने का खौफनाक फैसला ले लिया।

पेड़ को साक्षी मान रचाई शादी, मांग में भरा सिंदूर
मौके पर मिले साक्ष्य यह बताने के लिए पर्याप्त थे कि मौत से पहले उन्होंने क्या किया। पेड़ के पास बिखरे सिंदूर, बिंदी और सुहाग के सामान के साथ ही पेड़ के चारों तरफ बने फेरों के निशान यह गवाही दे रहे थे कि मरने से ठीक पहले उन्होंने उसी पेड़ को साक्षी मानकर विवाह किया था। रजनी की मांग में भरा ताजा सिंदूर इस बात का प्रमाण था कि उन्होंने एक दुपट्टे के दो फंदे बनाकर दुनिया की नजरों से दूर, मौत की दहलीज पर एक-दूसरे को अपना लिया था। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। यह उनकी अटूट मोहब्बत का आखिरी पड़ाव था, जिसे समाज ने जीने नहीं दिया।

पुलिस की कार्रवाई और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मिश्रिख के सीओ बृजेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने बारीकी से साक्ष्य जुटाए और फिंगरप्रिंट्स लिए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में इस जोड़े ने इतना बड़ा कदम उठाया।
समाज के लिए एक बड़ा सबक और संवेदनशीलता की जरूरत
रामपुर खेवटा गांव की यह घटना एक बार फिर प्रेम, जाति और समाज की जटिलता पर सवाल खड़े करती है। क्या समाज की मर्यादाएं और जाति का अहंकार दो लोगों के प्यार से बढ़कर हैं? यह सवाल आज हर किसी के मन में है। इस दुखद अंत ने न केवल दो परिवारों को तबाह किया है, बल्कि पूरे समाज को भी एक गहरी सोच में डाल दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए समाज को अपनी रूढ़िवादी सोच बदलने और युवाओं के निर्णयों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।

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