Kanker Police : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में करीब एक साल पहले हुई 32 वर्षीय मुकेश विश्वास की संदिग्ध मौत का मामला कोई सामान्य दुर्घटना या खुदकुशी नहीं था, बल्कि यह एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी हत्या की साजिश थी। बांदे थाना क्षेत्र में घटित इस सनसनीखेज वारदात की परतों को खोलते हुए पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है। बेवफा पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पहले तो अपने ही पति को बहाने से ले जाकर जमकर शराब पिलाई और फिर जब वह पूरी तरह बेसुध हो गया, तो बिजली का करंट लगाकर उसे तड़पा-तड़पा कर मार डाला।

पुलिस ने कातिल पत्नी और प्रेमी सहित चार शातिर आरोपियों को दबोचा
बांदे थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच के बाद आखिरकार इस खूनी खेल का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने हत्या की मुख्य सूत्रधार और मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास, उसके प्रेमी इंद्रजीत दास और वारदात में उनका साथ देने वाले दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की पूछताछ और तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि इस जघन्य हत्याकांड को अवैध संबंधों में आ रही रुकावट और आपसी विवाद के चलते बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ था करंट लगने का खुलासा, अंधा कत्ल बना चुनौती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 24 मई 2025 को कांकेर के बांदे इलाके में बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास की लाश बेहद संदेहास्पद हालत में बरामद की गई थी। घटना स्थल के निरीक्षण के दौरान मृतक के दोनों हाथों और उंगलियों पर गंभीर रूप से जलने के निशान पाए गए थे। बाद में आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत का मुख्य कारण बिजली का तगड़ा करंट लगना बताया था। हालांकि, मौके से कोई ठोस चश्मदीद या सीधा साक्ष्य न मिलने के कारण यह मामला पुलिस के लिए एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ (अंधा कत्ल) बन गया था, जिसे सुलझाने के लिए विशेष टीम बनाई गई।
पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों के कारण रची गई थी मौत की साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने एक विशेष जांच दल का गठन कर केस की फाइल दोबारा खुलवाई। पुलिस ने जब मृतक मुकेश के पारिवारिक, सामाजिक और व्यक्तिगत रिश्तों को खंगालना शुरू किया, तो कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे। साइबर सेल की तकनीकी मदद और कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और 31 वर्षीय इन्द्रजीत दास के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। मुकेश को इसकी भनक लग चुकी थी और वह पत्नी से तलाक लेने की कानूनी तैयारी कर रहा था, इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
खेत की झोपड़ी में पिलाई शराब और सोते समय दे दिया हाई वोल्टेज करंट
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि साजिश के तहत मुकेश विश्वास को बहला-फुसलाकर आरोपी रंजीत सरकार के खेत में बनी एक सूनी झोपड़ी में ले जाया गया। वहां योजना के मुताबिक उसे अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई। जब मुकेश पूरी तरह होश खो बैठा और अचेत होकर सो गया, तो आरोपियों ने ट्यूबवेल में इस्तेमाल होने वाले बिजली के नंगे तारों को उसके शरीर से छूकर हाई वोल्टेज करंट दौड़ा दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से शव को इस तरह छोड़ दिया ताकि पुलिस इसे एक सामान्य हादसा या खुदकुशी समझकर अपनी जांच बंद कर दे।
साइंटिफिक जांच और क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन से बेनकाब हुए हत्यारे
भले ही आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन और साइंटिफिक विश्लेषण के जरिए पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बिजली के तार, आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य सामग्रियां बरामद कर ली हैं। इसके अलावा, मामले को कोर्ट में मजबूती से पेश करने के लिए फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में क्राइम सीन का री-कंस्ट्रक्शन (घटनाक्रम का पुनर्निर्माण) भी कराया गया, जिससे आरोपियों का गुनाह पूरी तरह साबित हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत दास, सुरेंद्र बछाड़ (28 वर्ष) और रंजीत सरकार (39 वर्ष) शामिल हैं।

















