Operation Sindhu India: वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह ने शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से भारत के विमानों को गिराने के दावों को खारिज करते हुए इन्हें “मनोहर कहानियां” बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर पाकिस्तान के पास कोई ठोस सबूत है तो वह उन्हें पेश करे, वरना ऐसे दावे केवल प्रचारात्मक बयानबाज़ी हैं।

एपी सिंह ने अपने वक्तव्य में ऑपरेशन सिंदूर का विस्तृत जिक्र किया और कहा कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में लगभग 300 किलोमीटर अंदर घुसकर सटीक हमले किए। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद राजनीतिक–सैन्य नेतृत्व ने दुश्मन को इसकी कीमत चुकाने का निर्णय लिया था और सेना को खुली छूट दी गई। उनका कहना था कि हमले में पाकिस्तान के कई हवाई अड्डों और ठिकानों को निशाना बनाया गया जिससे रडार प्रणाली, रनवे और कई संरचनाएँ क्षतिग्रस्त हुईं तथा कुछ लड़ाकू विमान और हैंगर नष्ट हुए।

उन्होंने दोहराया कि 9 अगस्त के अपने पहले बयान में भी उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों के नष्ट होने का उल्लेख किया था और यह भी कहा था कि एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया गया — जिसे उन्होंने सतह से हवा में लक्ष्य भेद करने का एक रिकॉर्ड बताया।
एयरचीफ की 5 प्रमुख बातें
पाक के दावों पर टिप्पणी क्यों: अगर वे दावा करते हैं कि उन्होंने हमारे 15 जेट मार गिराए हैं तो उन्हें सोचना दीजिए — मैं इस पर चर्चा क्यों करूं।ये उनकी मनोहर कहानियां हैं: पाक ने हमें कोई ठोस तस्वीरें नहीं दिखाईं; उनके दावे प्रमाणहीन हैं।पाकिस्तान को काफी नुकसान पहुंचाया गया: कई हवाई अड्डों, रडार और कमांड‑कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाया गया; रनवे और हैंगर क्षतिग्रस्त हुए।नए आतंकी अड्डे बन रहे: खैबर पख्तूनख्वा में छोटे‑छोटे ठिकानों के निर्माण की खबरें हैं, पर हमारे विकल्प बने हुए हैं।उद्देश्य के साथ युद्ध समाप्त किया गया: यह एक स्पष्ट लक्ष्य के तहत शुरू हुआ ऑपरेशन था जिसे बढ़ाए बिना समाप्त किया गया; बाद में पाकिस्तान ने युद्धविराम के लिए स्वयं पहल की।
एयरचीफ मार्शल एपी सिंह का बयान भारत की सैन्य कार्रवाइयों की सटीकता और पारदर्शिता पर जोर देता है। उन्होंने पाकिस्तान के दावों को प्रमाण विहीन करार देकर उन्हें आलोचनात्मक नजर से देखा और ऑपरेशन सिंदूर के परिणामों के संबंध में वायुसेना की तैयारियों व सटीक कार्रवाई पर बल दिया। सिंह का यह भी कहना था कि विश्व स्तर पर हो रहे सैन्य संघर्षों के बावजूद भारतीय रणनीति ने सीमित उद्देश्य और नियंत्रित परिणाम का मॉडल पेश किया है, जिससे दुश्मन को युद्धविराम के लिए मजबूर होना पड़ा।

