Tata Group Controversy : टाटा समूह को लेकर जारी विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बुधवार को राहुल गांधी ने वित्त मंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी पोस्ट को रिपोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के प्रतिनिधियों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर सवाल उठाए। राहुल ने पूछा कि इन प्रतिनिधियों को अमित शाह के आवास पर किस कानूनी और व्यावसायिक मामले के सिलसिले में बुलाया गया था।

अमित शाह के आवास पर मुलाकात को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने इस मामले में सरकार से जुड़े कारोबारी हितों को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जिस व्यक्ति की ओर उन्होंने सरकार के करीबी कारोबारी के रूप में इशारा किया है, वह विवाद में कब सामने आएगा और टाटा समूह के किन हिस्सों पर उसका नियंत्रण होगा। हालांकि, राहुल गांधी के इन सवालों के समर्थन में संबंधित कारोबारी की पहचान या नियंत्रण को लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।

राहुल गांधी ने उद्योग जगत की चुप्पी पर जताई नाराजगी
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश के कुछ चुनिंदा कारोबारी सरकार के करीबी हैं, जबकि बाकी उद्योग जगत के लोग पहले से नाराज हैं। उनके मुताबिक, उद्योगपतियों को भड़काने की जरूरत नहीं है। यह बयान टाटा समूह के भीतर एन. चंद्रशेखरन को दोबारा कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किए जाने के फैसले को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। इस घटनाक्रम ने उद्योग जगत, कारोबारी स्वतंत्रता और सरकार की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
राहुल गांधी ने टाटा समूह को लेकर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि टाटा समूह को कथित तौर पर आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और उद्योग जगत के लोग इस पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। उन्होंने कारोबारियों से सवाल किया कि वे आखिर कब तक चुप रहेंगे और क्या वे तब आवाज उठाएंगे, जब उनका पूरा कारोबार दूसरों के नियंत्रण में चला जाएगा। राहुल ने यह भी कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का खिलौना नहीं है। उन्होंने इन आरोपों से जुड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करने की बात कही।
निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को दिया जवाब
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक करार देना स्वीकार्य नहीं है। सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार भारतीय उद्योग और उद्यमियों की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश करते हैं।

लाइसेंस-कोटा राज को लेकर कांग्रेस पर निशाना
वित्त मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी उद्योग जगत के नेताओं को अविश्वास और नकारात्मकता फैलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के शासनकाल में लाइसेंस-कोटा व्यवस्था ने भारतीय उद्यमियों की संभावनाओं को सीमित किया और देश में गरीबी बढ़ाने में भूमिका निभाई। इस तरह टाटा समूह विवाद अब केवल कारोबारी फैसले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

