CJP INDIA Bloc Rally : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को उठाने की तैयारी में है। इस रैली को विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं का समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी कार्यक्रम के समर्थन का ऐलान किया है। इसी बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा है।

रघुवर दास ने रिजिम चेंज के आरोपों पर क्या कहा?
रघुवर दास ने राहुल गांधी के वोट चोरी अभियान और CJP सहित वामपंथी दलों के समर्थन को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन दलों का भारत में सत्ता व्यवस्था बदलने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। दास ने विपक्ष के चुनावी आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन ऐसे आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव संबंधी विवादों का समाधान संवैधानिक संस्थाओं और निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।

विदेशी शक्तियों और फंडिंग को लेकर लगाए आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने CJP के आंदोलन के उद्देश्य, सोशल मीडिया पर उसके समर्थन और फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन की शुरुआत शिक्षा सुधार के मुद्दे से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें कांग्रेस और वामपंथी दल भी शामिल हो गए। दास ने सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने को लेकर संदेह जताया और विदेशी शक्तियों की साजिश का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण उपलब्ध होने की पुष्टि नहीं की गई है।
लोकतंत्र और बैलेट की ताकत पर दिया जोर
रघुवर दास ने कहा कि भारत में सरकार का फैसला जनता अपने मताधिकार के जरिए करती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन चुनावों के माध्यम से हुआ था। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने नक्सलवाद और उग्रवादी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि शांति, विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती आवश्यक है।
SIR और मतदाता सूची पर भी उठाया मुद्दा
दास ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का समर्थन करते हुए दावा किया कि इससे देश की संप्रभुता मजबूत हुई है और घुसपैठियों की पहचान करने में मदद मिली है। दूसरी ओर, विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है और आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। इन दावों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। मतदाता सूची की सटीकता और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा इस विवाद के प्रमुख मुद्दे हैं।

रामलीला मैदान में जुटेंगे विपक्षी दल
राहुल गांधी ने 1 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ मार्च और रैली में शामिल होने के लिए विभिन्न वर्गों के लोगों से अपील की है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग उठाना चाहते हैं। CJP ने भी रैली को समर्थन दिया है। इस बीच रघुवर दास के बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों की भागीदारी और उठाए जाने वाले मुद्दों पर सबकी नजर रहेगी।
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