Abhijeet Dipke Statement: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रविवार सुबह एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने आंदोलन में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और संगठन को अभी लंबा सफर तय करना है। दीपके ने कहा कि पिछले कई दिनों से आंदोलन के कारण मानसिक दबाव बना हुआ था, लेकिन अब लंबे समय बाद उन्हें सुकून मिला है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जिन लोगों ने उन पर भरोसा किया और पूरे अभियान के दौरान साथ दिया, उन सभी का वह दिल से धन्यवाद करते हैं।

‘यह अंत नहीं, एक नई शुरुआत है’
वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन की यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भविष्य के लिए प्रेरणा है और संगठन आगे भी विभिन्न जनहित के मुद्दों पर काम करता रहेगा। दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का उद्देश्य केवल एक आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर लगातार सक्रिय रहना है। उन्होंने अपने समर्थकों से आगे भी इसी तरह सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील की।

जंतर-मंतर से आंदोलन की सफलता का किया ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में भी अभिजीत दीपके ने मंच से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था, उसे हासिल कर लिया गया है। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह परिणाम सामूहिक प्रयास और लंबे संघर्ष का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यदि लोग संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं और दबाव के सामने झुकते नहीं हैं, तो बड़े बदलाव भी संभव हो सकते हैं।
सरकार ने प्रह्लाद जोशी को सौंपा अतिरिक्त प्रभार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। इस जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाएगा। सरकार की ओर से यह बदलाव प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।
सोनम वांगचुक ने बताया लोकतंत्र की जीत
इस पूरे आंदोलन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता शांतिपूर्ण आंदोलन, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े युवाओं और सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों ने मिलकर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में जारी है चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उसके बाद सामने आई विभिन्न प्रतिक्रियाओं ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर आंदोलन से जुड़े लोग इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, वहीं विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी इस घटनाक्रम पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, अभिजीत दीपके के वीडियो संदेश और सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया आयाम दे दिया है।
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