CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम को लेकर मौसम विभाग ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को दक्षिणी क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में हल्की बारिश होने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई। मौसम में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के मुताबिक कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती थी। इस दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई। चेतावनी में खास तौर पर इन जिलों के कुछ इलाकों में मौसम अचानक खराब होने की संभावना का उल्लेख किया गया था।

मौसम केंद्र रायपुर ने रात एक बजे जारी किया अलर्ट
मौसम केंद्र रायपुर ने यह चेतावनी 31 अक्टूबर 2026 को रात करीब एक बजे जारी की थी। विभाग की ओर से जारी अलर्ट सुबह चार बजे तक प्रभावी निर्धारित किया गया था। इस अवधि के दौरान संबंधित जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी।मौसम विभाग समय-समय पर मौसम की परिस्थितियों का आकलन कर चेतावनी जारी करता है, ताकि संभावित खराब मौसम से पहले लोगों को सावधान किया जा सके। दक्षिण छत्तीसगढ़ के चार जिलों के लिए जारी इस शुरुआती अलर्ट में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को भी प्रमुखता से बताया गया था।

बीजापुर जिले के लिए दोबारा जारी हुआ येलो अलर्ट
शुरुआती चेतावनी के बाद मौसम विभाग ने बीजापुर जिले के लिए एक बार फिर अलर्ट जारी किया। यह दूसरी चेतावनी शनिवार सुबह चार बजे जारी की गई थी। इसमें बीजापुर जिले के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई।मौसम केंद्र की ओर से जारी दूसरी चेतावनी सुबह सात बजे तक प्रभावी निर्धारित की गई थी। इस तरह पहले चार जिलों के लिए जारी अलर्ट के बाद बीजापुर को लेकर अलग से दोबारा चेतावनी दी गई। लगातार दो अलर्ट जारी होने से जिले के उन इलाकों में सतर्कता जरूरी हो गई थी, जहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई थी।
गरज-चमक के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
आकाशीय बिजली गिरना जानलेवा हो सकता है। इसलिए खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेतों और अन्य खुले स्थानों में रहने से बचना चाहिए। यदि आसमान में तेज गरज-चमक हो रही हो, तो सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाना बेहतर है।बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होना भी खतरनाक हो सकता है। लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। विशेष रूप से उन लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, जो खेती-किसानी, पशुपालन या खुले स्थानों पर काम करते हैं।
किसानों और ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानी
दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में मौसम बदलने की स्थिति में किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थान पर रुकने के बजाय सुरक्षित जगह पर पहुंचना जरूरी है। मौसम खराब होने के दौरान पेड़ों या अस्थायी ढांचों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए।मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। खासकर बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर के प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

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