Gold Silver Price Today: त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अक्टूबर महीने में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते एक महीने के दौरान सोना करीब 12,300 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है, जबकि चांदी की कीमत में लगभग 48,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी आई है। शुक्रवार 30 अक्टूबर को भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट ने उन खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है, जो त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के आभूषण खरीदने का इंतजार कर रहे थे।

अक्टूबर में सोने की कीमत में 12,300 रुपये की गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमत लगभग 1,50,700 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। महीने के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 अक्टूबर को यह घटकर करीब 1,38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई। इस तरह अक्टूबर महीने में सोने की कीमत में लगभग 12,300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आई इस कमी को खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चांदी भी हुई करीब 48 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी कमजोरी देखने को मिली है। 1 अक्टूबर को MCX पर चांदी का भाव लगभग 2,27,200 रुपये प्रति किलोग्राम था। वहीं, 30 अक्टूबर को इसकी कीमत गिरकर 1,79,132 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस हिसाब से एक महीने के भीतर चांदी लगभग 48,000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों और आभूषण खरीदने वालों दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
शुक्रवार को सोने और चांदी में आई जोरदार बिकवाली
शुक्रवार को वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। दिसंबर डिलीवरी वाला सोना MCX पर 2.88 प्रतिशत यानी 4,111 रुपये टूटकर 1,38,485 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दूसरी तरफ, चांदी की दिसंबर डिलीवरी कीमत 5.45 प्रतिशत यानी 10,321 रुपये गिरकर 1,79,132 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड लगभग 3.61 प्रतिशत टूटकर 3,875 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 5.82 प्रतिशत गिरकर करीब 49.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से बढ़ा बाजार का दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा, लेकिन महंगाई को लेकर चिंता भी जाहिर की। इसके बाद बाजार में भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं मजबूत हुईं।दरअसल, अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती का असर सोने-चांदी की मांग पर पड़ सकता है। जब निवेशकों को ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक लगते हैं, तब बिना ब्याज वाले सोने में निवेश की मांग प्रभावित हो सकती है।

आने वाले दिनों में क्या सस्ता होगा सोना और चांदी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, फेडरल रिजर्व की नीतियां और कच्चे तेल की कीमतें प्रमुख हैं। इन कारकों में बदलाव के साथ दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अक्टूबर में आई भारी गिरावट के बाद त्योहारों पर खरीदारी करने वालों के लिए बाजार में अवसर जरूर दिखाई दे रहा है। हालांकि, केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करना उचित नहीं होगा। खरीदारों को स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव, आभूषणों की मेकिंग चार्ज, जीएसटी और हॉलमार्क की जानकारी भी जांचनी चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि MCX के वायदा भाव और दुकानों पर मिलने वाले खुदरा आभूषणों के दाम अलग-अलग हो सकते हैं।फिलहाल, अक्टूबर की गिरावट ने सोने और चांदी के बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। अब निवेशकों और खरीदारों की नजर नवंबर में कीमतों की अगली चाल पर बनी रहेगी।


