GST council meeting 2025: देशभर में जीएसटी प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में हुई 56वीं GST काउंसिल बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें सबसे अहम फैसला GST टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर रहा। अब देश में मौजूदा चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) को घटाकर केवल तीन टैक्स स्लैब कर दिया गया है।

अब सिर्फ तीन टैक्स स्लैब: 5%, 18% और 40%
बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि काउंसिल ने आम सहमति से 12% और 28% की टैक्स दरें हटाने का फैसला किया है। अब केवल 5% और 18% की सामान्य टैक्स दरें रहेंगी, जबकि लग्जरी वस्तुओं और अत्यधिक मूल्य वाले उत्पादों पर 40% GST लगाया जाएगा।

22 सितंबर से लागू होंगे सभी फैसले
GST काउंसिल के यह सभी निर्णय 22 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू होंगे। इससे न सिर्फ कर प्रणाली अधिक सरल बनेगी, बल्कि टैक्स चोरी पर भी लगाम लगने की संभावना है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी दरों की स्पष्टता मिलने से लाभ होगा।
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर राहत
एक और बड़ा फैसला यह लिया गया है कि अब से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर जीएसटी नहीं लगेगा। पहले इन पर 18% की दर से GST वसूला जाता था। यह कदम आम जनता को स्वास्थ्य और जीवन बीमा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और बीमा क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बैठक
यह दो दिवसीय बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवसाय अनुकूल बनाना था।
टैक्सपेयर्स को क्या होगा फायदा?
टैक्स दरें कम होने से उपभोक्ताओं पर भार घटेगा
सरल स्लैब से इनवॉइसिंग और फाइलिंग में आसानी होगी
बीमा सेक्टर में ग्रोथ और जागरूकता बढ़ेगी
MSME सेक्टर को भी राहत मिलने की उम्मीद
GST काउंसिल की 56वीं बैठक ने देश की टैक्स संरचना में ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखी है। सरकार का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल और जनहितैषी बनाना है। आने वाले समय में यह बदलाव व्यापार और आम जनता दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
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