Chandrashekhar Bawankule : महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने राहुल गांधी की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए उन्हें अल्जाइमर बीमारी होने की बात कही। बावनकुले ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर आधे घंटे में अपना रुख बदलते हैं। कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर टिप्पणी करते हैं, तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है।

राहुल गांधी को लेकर क्या बोले चंद्रशेखर बावनकुले?
महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी को अल्जाइमर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी आधे-आधे घंटे में बिगड़ते हैं। कभी संघ के खिलाफ बोलते हैं, कभी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हैं। बावनकुले ने तंज कसते हुए कहा कि पांच मिनट बाद राहुल गांधी किस विषय पर बोलेंगे, इसका भी पता नहीं रहता।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि यह सब बीमारी की वजह से होता है। बीमार लोगों को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। बावनकुले के मुताबिक, राहुल गांधी कभी जंतर-मंतर पहुंचते हैं, कभी एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण पर टिप्पणी करते हैं और कभी संघ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बयान देते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता ने अब राहुल गांधी को सुनना छोड़ दिया है।
2047 तक देश में NDA की सरकार रहने का दावा
चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि भारत में 2047 तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनी रहेगी। बावनकुले ने कहा कि एनडीए पूरे बहुमत के साथ सत्ता में रहेगा और विपक्ष के नेताओं की उम्र समाप्त हो जाएगी, लेकिन एनडीए का राजनीतिक सफर जारी रहेगा।
दरअसल, संजय राउत ने अमित शाह पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आने तक अमित शाह मंत्री पद पर नहीं रहेंगे। इसी बयान पर पलटवार करते हुए बावनकुले ने एनडीए की लंबी राजनीतिक पारी का दावा किया।

इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर भी उठाए सवाल
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री ने विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की रैली और उसकी एकजुटता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में मुंबई में इंडिया अघाड़ी के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए हाथ खड़े किए थे। उस समय गठबंधन के करीब 40 नेताओं ने साथ होने का संदेश दिया था, लेकिन चुनाव के बाद गठबंधन में कई तरह के मतभेद सामने आ गए।
बावनकुले ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सत्ता के लालच में एक साथ आए थे। उनके मुताबिक, सत्ता मिलने की उम्मीद में ये दल एक मंच पर दिखाई देते हैं, लेकिन सत्ता से दूर होने पर उनके बीच बिखराव शुरू हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्षी गठबंधन को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में भी सत्ता में आने का मौका नहीं देगी।
ममता बनर्जी और विपक्ष पर पहले भी कर चुके हैं टिप्पणी
चंद्रशेखर बावनकुले इससे पहले भी विपक्षी नेताओं को लेकर बयान दे चुके हैं। एक पूर्व बयान में उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी के पांच पांडव ही विपक्ष की कौरव सेना पर भारी पड़ेंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह कौरवों की राजनीति करती हैं।
बावनकुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति को सच्चाई और ईमानदारी पर आधारित बताया था। उनके इन बयानों से साफ है कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।
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