Assam Flood: पूर्वोत्तर राज्य असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई हिस्से जलमग्न हैं और हजारों परिवारों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की 31 जुलाई तक जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक कुल 80 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में दो और लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। इनमें एक मौत शिवसागर जिले और दूसरी चराईदेव जिले में दर्ज की गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है।

पांच जिलों के 379 गांव बाढ़ की चपेट में
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के पांच प्रमुख जिले अभी भी बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नौगांव और चराईदेव शामिल हैं। इन जिलों के कुल 379 गांव जलमग्न हैं, जहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है। बाढ़ के कारण करीब 1,92,799 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में लोगों के रहने, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों को बड़ा नुकसान, हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न
बाढ़ का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिला है। डीआरआईएमएस की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 15,430 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है। धान सहित कई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द पानी नहीं उतरा तो नुकसान और बढ़ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी शहरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है, जिससे शहरों में सामान्य गतिविधियां जारी हैं।
मुख्यमंत्री राहत कोष में गौतम अडानी ने दिए 11 करोड़ रुपये
असम में राहत और पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए कई संस्थाएं और उद्योगपति आगे आ रहे हैं। उद्योगपति गौतम अडानी ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में 11 करोड़ रुपये का ऑनलाइन योगदान दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग असम के लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि राहत कोष में प्राप्त प्रत्येक रुपये का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए किया जाएगा।
अभिनेता कार्तिक आर्यन ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए फिल्म जगत से भी सहयोग मिल रहा है। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अभिनेता के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग राहत कार्यों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस तरह की सहायता से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में प्रशासन को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने राहत अभियान में सहयोग का किया ऐलान
असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी पहल शुरू कर दी है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने घोषणा की है कि वह मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहयोग देगा और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण को तेज करेगा। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक शाहिद सईद ने बताया कि नई दिल्ली स्थित कलाम भवन में आयोजित कोर टीम की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संगठन का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, आवश्यक सामग्री और अन्य राहत सुविधाएं जल्द से जल्द पहुंचाना है ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को कठिन समय में राहत मिल सके।
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