Siddaramaiah Sting Operation : कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाकर कथित तौर पर तैयार किए गए स्टिंग ऑपरेशन की जांच में नया मोड़ आ गया है। बेंगलुरु पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली के करोल बाग से खरीदा गया था। इसके बाद फोन को केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता एचडी कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंपा गया था। पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वहीं, कुमारस्वामी ने पुलिस अधिकारी और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है।
करोल बाग की दुकान से खरीदा गया था मोबाइल फोन
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रितेश पांडे के बयान में मोबाइल फोन की खरीद और उसे सौंपने से संबंधित जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर विनोद शर्मा और रितेश पांडे ने दिल्ली के करोल बाग स्थित एक दुकान से फोन खरीदा था। इसके बाद दोनों ने दिल्ली में कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर पहुंचकर यह फोन प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया।

इस मामले में दिल्ली निवासी रितेश पांडे को 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर सोशल मीडिया पर कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने का आरोप है। बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए बेंगलुरु लाया था।

विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांच के दौरान विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, दोनों अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में आवेदन भी किया है।
जांच में रितेश पांडे और प्रज्वल प्रसाद के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इसकी पुष्टि करने में जुटी है। इसके अलावा जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब तीनों आरोपियों के आपसी संबंधों, उनकी भूमिका और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में उनकी भागीदारी की पड़ताल कर रही है।

क्या एचडी कुमारस्वामी की भी सामने आई भूमिका?
जब पुलिस आयुक्त से पूछा गया कि क्या एचडी कुमारस्वामी को भी जांच के लिए नोटिस दिया गया है या उनकी प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच जारी है। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस का कहना है कि रितेश पांडे के बयान के मुताबिक, फोन सौंपे जाने के दौरान प्रज्वल प्रसाद कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर मौजूद थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कुमारस्वामी की प्रत्यक्ष संलिप्तता स्थापित होने की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस आयुक्त पर भड़के कुमारस्वामी, कांग्रेस सरकार को घेरा
पुलिस आयुक्त के बयान पर एचडी कुमारस्वामी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त किसी के प्रभाव में काम कर रहे हैं और अपनी स्थिति बचाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जांच की दिशा और प्रगति की जानकारी है। उचित समय आने पर वह पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को सामने रखेंगे।
वायरल स्टिंग वीडियो को पुलिस ने बताया था मनगढ़ंत कहानी
गौरतलब है कि सितंबर में सिद्धारमैया के खिलाफ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़े दो वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए गए थे। इन वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
बेंगलुरु पुलिस ने इससे पहले दावा किया था कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप एक मनगढ़ंत और जानबूझकर तैयार की गई कहानी का हिस्सा थे। इसके बाद सिद्धारमैया ने अदालत का रुख किया और मीडिया में इन वीडियो से संबंधित खबरें प्रकाशित करने पर रोक लगाने का आदेश प्राप्त किया। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग भी की थी।इसी शिकायत के आधार पर केंद्रीय अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन की खरीद, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के कथित संबंधों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से इस राजनीतिक विवाद के कई और पहलू सामने आ सकते हैं।
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