Dewas News : मध्य प्रदेश के देवास जिले से पुलिस कार्रवाई के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने की कोशिश में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। बताया जा रहा है कि शराब तस्करी की सूचना मिलने के बाद पुलिस की कई टीमें ट्रक को रोकने के लिए तैनात की गई थीं। इसी अभियान के दौरान ट्रक चालक ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और थाना प्रभारी वाहन की चपेट में आ गए।
गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने करीब दो घंटे तक उनका उपचार किया और सीपीआर भी दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।

हरदा से गुजरात ले जाई जा रही थी अवैध शराब
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा एक ट्रक आ रहा है। बताया गया कि इस ट्रक को इंदौर के रास्ते गुजरात ले जाने की योजना थी। सूचना मिलने के बाद देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने ट्रक को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं।

इस अभियान में कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारियों सहित कई पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। पुलिस टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया और संदिग्ध ट्रक पर नजर रखी जा रही थी। रास्ते में नाकाबंदी भी की गई थी, ताकि ट्रक को रोका जा सके।
पानी पीने के लिए रुका ट्रक, चालक को पकड़ने पहुंचे टीआई
बताया जा रहा है कि पुलिस की निगरानी के दौरान ट्रक हरदा-नेमावर हाईवे पर रुका। जानकारी के मुताबिक, चालक वहां पानी पीने के लिए वाहन से नीचे आया था। इसी दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी उसके पास पहुंचे और उसे ट्रक से नीचे उतरने के लिए कहा।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी और चालक के बीच धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसी दौरान चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर वहां से भागने की कोशिश की। इस घटनाक्रम में दिलीप पुरी संतुलन खोकर नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
अस्पताल में करीब दो घंटे चला उपचार, नहीं बच सकी जान
हादसे में थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए उपचार शुरू किया। करीब दो घंटे तक इलाज और सीपीआर दिए जाने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना ने अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है। हालांकि, हादसे की परिस्थितियों और ट्रक चालक की भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संदलपुर में ट्रक छोड़कर फरार हुआ चालक
घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। बताया गया है कि उसने संदलपुर में ट्रक छोड़ दिया और वहां से भाग निकला। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। वाहन का नंबर MP 43 H 4786 बताया जा रहा है। अब फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
शराब तस्करी नेटवर्क की भी हो रही जांच
इस मामले में शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हरदा के एक कथित तस्कर का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि देवास के कुछ अन्य लोग इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई जा रही थी, इसे किसके पास पहुंचाया जाना था और इस तस्करी में कौन-कौन शामिल था। फिलहाल फरार चालक की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।


