Iran Hormuz Strait News : ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ईरान ने कहा है कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। तेहरान के मुताबिक, यदि अमेरिका उसकी मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो वह महज दो दिनों यानी 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए तैयार है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को यह जानकारी दी। उनके बयान से स्पष्ट है कि समुद्री मार्ग को खोलने का फैसला अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा।
ईरान ने कहा- मांगें पूरी होने पर आगे बढ़ेगी बातचीत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्माइल बकाई ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत मध्यस्थों के माध्यम से चल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आगे की प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है, जब अमेरिका तेहरान की शर्तों को स्वीकार करेगा। बकाई के मुताबिक, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी मांगें पूरी होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करना संभव होगा। इसके बाद कुछ ही समय में बातचीत की प्रक्रिया भी दोबारा शुरू की जा सकती है। ईरान का यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की संभावनाओं से जुड़ा हुआ है।

ईरान की चार प्रमुख मांगें क्या हैं?
ईरान की ओर से रखी गई मांगों में मध्य पूर्व में जारी युद्ध को सभी मोर्चों पर समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों पर लगी रोक हटाने और उसके तेल क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंध समाप्त करने की मांग की गई है। तेहरान चाहता है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी भी खत्म करे। ईरान का कहना है कि इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही आगे की बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

ईरान और ओमान के नए समुद्री रास्ते पर भी जोर
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को उस नए रास्ते को स्वीकार करना होगा, जिस पर ईरान और ओमान के बीच सहमति बनी है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही संभव बनाना है। अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिका को हाल के महीनों में लगाए गए प्रतिबंध हटाने चाहिए और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करनी चाहिए। इस तरह ईरान ने समुद्री मार्ग खोलने के साथ व्यापक राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी शर्तें भी सामने रखी हैं।
अमेरिका और इजरायल के संभावित हमले को लेकर चिंता
ईरान का 48 घंटे में होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ हमला करने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप बातचीत के नतीजे का इंतजार करना चाहते हैं। इन खबरों के बीच क्षेत्र में सैन्य तनाव और कूटनीतिक गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान पर हुई बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनकी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत बहुत अच्छी रही। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों नेताओं के बीच ईरान के मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन बातचीत का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक इजरायली सूत्र ने बातचीत को कठोर बताया, जबकि अमेरिकी सूत्र ने इसे सीधी और मुद्दे पर केंद्रित चर्चा करार दिया।
दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से इस मार्ग पर बाधाएं बनी हुई हैं। अब ईरान की 48 घंटे में इसे खोलने की पेशकश से कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जगी है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी सहमति और शर्तों पर बातचीत निर्णायक होगी।
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