BJP Congress Clash : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर विदेशी मदद के सहारे सत्ता में आने और अब भी विदेशी समर्थन के जरिए सरकार चलाने का आरोप लगाया है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को लेकर उन पर निशाना साधते हुए उन्हें ही मजाक करार दिया है।
इस राजनीतिक विवाद में भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया को-इंचार्ज और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए कांग्रेस नेता पर पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी का एक पुराना इंटरव्यू क्लिप साझा करते हुए उनके बयान और पूर्व में दिए गए कथित बयानों के बीच सवाल खड़े किए।

प्रदीप भंडारी ने पुराने इंटरव्यू का वीडियो किया साझा
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को एक्स पर राहुल गांधी के पुराने इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए लिखा कि राहुल गांधी एक मजाक हैं।

भंडारी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि राहुल गांधी यह कह रहे हैं कि कांग्रेस ने वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए विदेशी हस्तक्षेप की अनुमति दी थी। उन्होंने इस कथित बयान को आधार बनाकर कांग्रेस नेता के मौजूदा आरोपों पर सवाल उठाए।
निकोलस बर्न का जिक्र कर BJP ने उठाए सवाल
प्रदीप भंडारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी राजनयिक निकोलस बर्न का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने निकोलस बर्न के सामने भारत के लोकतंत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की थी।

भंडारी ने कहा कि देश इस बात को नहीं भूला है कि राहुल गांधी ने पहले क्या कहा था। भाजपा प्रवक्ता की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी के ताजा आरोपों के जवाब में आई है। हालांकि, ये सभी आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और इन्हें संबंधित नेताओं के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर पोस्ट साझा किया था। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री पर देश से झूठ बोलने का आरोप लगाया। राहुल गांधी का दावा था कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने और अब भी विदेशी समर्थन के जरिए सत्ता में बने हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि देश की आर्थिक व्यवस्था पर विदेशियों का प्रभाव और नियंत्रण है। उन्होंने विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के समर्थन का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को दी खुली बहस की चुनौती
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मंच पर और किसी भी समय इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे सामने आकर बहस करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री इसलिए बहस में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वे उनके द्वारा उठाए जाने वाले सवालों से डरते हैं।
विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों पर आमने-सामने कांग्रेस और BJP
राहुल गांधी के बयान और प्रदीप भंडारी की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। एक ओर कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों और विदेशी समर्थन को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा उनके पुराने इंटरव्यू और बयानों का हवाला देकर पलटवार कर रही है।
फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती और भाजपा के जवाब के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में आगे बढ़ती है।


