Delhi AQI Today : देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि अभी पटाखों का धुआं वातावरण में नहीं फैला है, लेकिन इसके बावजूद राजधानी की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है। दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। प्रदूषण का बढ़ता स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।
जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 449 दर्ज हुआ AQI
मंगलवार को जारी प्रदूषण के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में AQI 449 तक पहुंच गया, जो सूची में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा रोहिणी में 429, पंजाबी बाग में 424 और अलीपुर में 413 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

इसी तरह विवेक विहार में 410, बवाना में 408, DTU दिल्ली में 407 और नरेला में 406 AQI दर्ज हुआ। इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रहा। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

चांदनी चौक और आनंद विहार में भी प्रदूषण का असर
राजधानी के दूसरे इलाकों में भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। पूसा में AQI 394, नॉर्थ कैंपस दिल्ली विश्वविद्यालय में 386 और पड़पड़गंज में 379 दर्ज किया गया। आरके पुरम में 374, आईटीओ में 373 और IIT दिल्ली में 369 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।
वहीं चांदनी चौक में 354, अशोक विहार में 350 और आनंद विहार में 278 AQI दर्ज किया गया। मुंडका में प्रदूषण सूचकांक 396 रहा। इन आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हवा की गुणवत्ता खराब से लेकर गंभीर श्रेणी तक पहुंच चुकी है।

दिल्ली का औसत AQI 331, बहुत खराब श्रेणी में हवा
पूरी दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 दर्ज किया गया है। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज कर दिए हैं। सोमवार से राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP के दूसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
दिल्ली में BS-6 से पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान भी लागू है। इसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वाले बाहरी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती की जा रही है। BS-6 मानक से नीचे के बाहरी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और उन्हें सीमा से वापस लौटाया जा रहा है।
दिल्ली मेट्रो बढ़ाएगी 20 अतिरिक्त ट्रिप
वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियों के बीच आम लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देने के लिए दिल्ली मेट्रो ने भी विशेष व्यवस्था की है। मंगलवार से मेट्रो सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इससे नेटवर्क पर अतिरिक्त ट्रिप की कुल संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और प्रदूषण को कम करने में सहयोग दें।


