Mahadev Betting App Case : महादेव ऑनलाइन बैटिंग ऐप मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में लिया गया है। रवि उप्पल को महादेव ऑनलाइन बैटिंग ऐप सिंडिकेट का अहम सदस्य और इसके प्रमुख प्रमोटरों में से एक माना जाता है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन को अंजाम दिया गया। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
भारत की मांग पर हुई कार्रवाई, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार की मांग पर UAE के अधिकारियों ने रवि उप्पल को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया है। अब भारतीय एजेंसियां उसे जल्द से जल्द भारत लाने की तैयारी में जुट गई हैं। इसके लिए प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारत आने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) उससे पूछताछ कर सकते हैं। जांच एजेंसियां उसके जरिए महादेव ऐप के संचालन, आर्थिक नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़े अहम सुराग जुटाना चाहती हैं।

महादेव ऐप के दो मुख्य प्रमोटरों में शामिल है रवि उप्पल
रवि उप्पल को महादेव ऑनलाइन बैटिंग ऐप के दो प्रमुख प्रमोटरों में से एक बताया जाता है। इस नेटवर्क का दूसरा प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर है। हाल ही में सौरभ चंद्राकर को भी ओमान से भारत लाया गया है। CBI की कार्रवाई के बाद अब रवि उप्पल की हिरासत को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दोनों आरोपियों पर कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित करने और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन में भूमिका निभाने के आरोप हैं।

इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। अक्टूबर 2023 में इसी नोटिस के आधार पर दुबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उसे जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद उसने दुबई छोड़ दिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र के देश वानुआतु पहुंच गया। बताया जाता है कि उसने वहां की नागरिकता भी हासिल कर ली थी। इसके बाद भारतीय एजेंसियों के लिए उसकी लोकेशन का पता लगाना चुनौती बन गया था।
रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश, ED ने किया विरोध
रवि उप्पल ने इंटरपोल से अपने खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश भी की थी। हालांकि, जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय ने उसकी इस मांग का विरोध किया था। नवंबर 2025 में ED को जानकारी मिली थी कि रवि उप्पल UAE में भी लापता है और उसका ठिकाना पता नहीं चल पा रहा है। इसके बाद एजेंसी ने इंटरपोल को सूचित किया कि वह करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित आरोपी है।

सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है रवि उप्पल को तलाशने का निर्देश
रवि उप्पल की तलाश का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। शीर्ष अदालत ने भी प्रवर्तन निदेशालय को उसका पता लगाने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऐप के जरिए कथित अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से ठिकाने लगाने और वित्तीय लेनदेन किए जाने की जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में रिश्वत और संरक्षण राशि के कथित लेनदेन की पड़ताल भी महत्वपूर्ण है।
भारत लाने के बाद खुलेगा महादेव ऐप के नेटवर्क का राज?
अब भारतीय एजेंसियों की प्राथमिकता रवि उप्पल को कानूनी प्रक्रिया पूरी कराकर भारत लाना है। उससे महादेव ऐप के संचालन, विदेशी नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उसकी पूछताछ से इस सिंडिकेट से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने और आगे की कानूनी कार्रवाई का इंतजार है।
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