John Brittas Video : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM ने दिल्ली पुलिस पर सांसद के साथ मारपीट करने और उन्हें घायल अवस्था में सड़क किनारे छोड़ने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किया गया जॉन ब्रिटास का वीडियो
CPM की ओर से साझा किए गए वीडियो में जॉन ब्रिटास दिल्ली पुलिस की एक बस के पास बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो में वह उठने की कोशिश करते नजर आते हैं। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद एक व्यक्ति उन्हें सहारा देकर उठाने का प्रयास करता है। इसके बाद दिल्ली पुलिस का एक जवान भी सांसद को सहारा देकर ऑटो रिक्शा तक ले जाता हुआ दिखाई देता है। हालांकि, वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि ब्रिटास को चोट कब, कहां और किन परिस्थितियों में लगी।
CPM ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस घटना को लेकर CPM ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अपनी सीमाएं पार कर दीं और सांसद के साथ अनुचित व्यवहार किया। CPM ने वीडियो को अपने आरोपों के समर्थन में साझा किया है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो के आधार पर कथित मारपीट की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती है। घटना को लेकर पुलिस का पक्ष और चोट लगने के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन में शामिल थे जॉन ब्रिटास
जॉन ब्रिटास उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्हें रविवार को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का दूसरा दिन बताया गया है। इससे पहले शनिवार को भी ब्रिटास को हिरासत में लिया गया था। लगातार दो दिनों की कार्रवाई के कारण प्रदर्शन और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।
शनिवार को हजारों लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए। इस कार्रवाई ने विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के बीच असंतोष को बढ़ाया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और उनकी स्थिति के बारे में संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी से पुष्टि करना जरूरी है।
अरविंद केजरीवाल के साथ धक्का-मुक्की का भी आरोप
इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए थे। पार्टी का दावा था कि शनिवार को हिरासत में लिए जाने के दौरान उसके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ धक्का-मुक्की की गई। खबरों के अनुसार, केजरीवाल को जाफरपुर कलां पुलिस थाने ले जाया गया था, जहां उन्हें करीब छह घंटे तक हिरासत में रखा गया।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
जॉन ब्रिटास के वीडियो और CPM के आरोपों के बाद दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर विपक्षी दल हिरासत और कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल, सांसद को चोट लगने के कारण और कथित मारपीट की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
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