Ankita Bhandari Case : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। मामले की सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की पहचान को लेकर अंकिता के परिवार ने अपनी आवाज बुलंद की है। अब अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने सिक्किम के राज्यपाल से इस्तीफा देने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि जब तक इस मामले की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल के संवैधानिक पद पर बने नहीं रहना चाहिए। परिवार लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
राजघाट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने परिजनों को हटाया
बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचे थे। यहां उन्होंने अंकिता को न्याय दिलाने के लिए शांतिपूर्ण प्रार्थना की। बताया गया कि कुछ समय तक राजघाट पर बैठने और प्रार्थना करने के बाद जब वे बाहर निकले, तब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाना शुरू कर दिया।

योगिता भयाना के मुताबिक, मीडिया से बातचीत करके लौटते समय अंकिता के परिजनों के साथ पुलिस ने सख्ती की। इसी दौरान अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अंकिता की मां को अस्पताल से मिली छुट्टी
एनजीओ संचालिका योगिता भयाना ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने अंकिता के माता-पिता के साथ हुई घटना पर नाराजगी जताई। योगिता ने सोनी देवी की तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी कि प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता की मां के साथ जिस तरह की सख्ती और असंवेदनशीलता दिखाई गई, वह बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, न्याय की मांग कर रहे परिवार के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था।

वीरेंद्र भंडारी ने दोहराई राज्यपाल के इस्तीफे की मांग
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि सीबीआई जांच पूरी होने तक सिक्किम के राज्यपाल को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर 2026 को भी परिवार ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया था। उस दौरान केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से आग्रह किया गया था कि जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाए।हालांकि, परिवार की मांग के बावजूद नियुक्ति किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वीरेंद्र भंडारी का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के नारको टेस्ट की मांग
अंकिता के पिता ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के नारको टेस्ट की मांग भी फिर उठाई। उन्होंने कहा कि पहले सुरेश राठौर और उसके बाद एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर उर्मिला सनावर का नारको टेस्ट कराया जाना चाहिए, ताकि मामले से जुड़े सवालों की जांच हो सके।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले में साजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। साथ ही उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने का भी जिक्र किया।
सीबीआई जांच पूरी होने तक जारी रहेगी न्याय की लड़ाई
वीरेंद्र भंडारी ने सरकार से मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक सिक्किम के राज्यपाल से इस्तीफा लिया जाए। इसके अलावा दोनों संबंधित व्यक्तियों के नारको टेस्ट की मांग पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।अंकिता के परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। राजघाट की घटना के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

