Yemen Airstrikes : यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच एक बार फिर संघर्ष तेज होने के बीच दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिण-पश्चिमी यमन के ताएज प्रांत स्थित अल-वाजिया इलाके के एक व्यस्त बाजार में शुक्रवार सुबह भीषण हवाई हमले की खबर है। इस घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत होने और आठ अन्य के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया गया है। हूती विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अलसबही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की जानकारी साझा की। इस हमले को हालिया संघर्ष के दौरान सबसे घातक घटनाओं में से एक बताया जा रहा है।
शुक्रवार सुबह बाजार में उमड़ी भीड़ बनी तबाही की गवाह
जानकारी के मुताबिक, हमला शुक्रवार सुबह करीब सात बजे अल-हदरा बाजार में हुआ। उस समय बाजार में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। अरब देशों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण सुबह से ही बाजार में खरीदारी और कारोबार के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान हुए धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया। अचानक हुए हमले के बाद बाजार में भगदड़ मच गई और लोगों में जान बचाने के लिए अफरा-तफरी फैल गई। कई दुकानें और आसपास खड़े वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

मलबे और जले वाहनों ने बयां की हमले की भयावहता
हूती समर्थित मीडिया संस्थान अल-मसीरा की ओर से प्रसारित वीडियो फुटेज में घटनास्थल से धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया। बाजार में डिब्बाबंद खाद्य सामग्री की दुकानें क्षतिग्रस्त नजर आईं। कई वाहन आग की चपेट में आकर जल गए, जबकि फलों के बक्से और इमारतों का मलबा चारों ओर बिखरा पड़ा था। इन दृश्यों से हमले की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या तथा नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

हूती सैन्य प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर लगाए आरोप
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। उनके आरोप के मुताबिक, सऊदी अरब के युद्धपोतों ने खमीस मुशैत एयरबेस से उड़ान भरकर इलाके में तीन हवाई हमले किए। उन्होंने दावा किया कि हमलावर विमान सुबह करीब आठ बजे तक क्षेत्र से बाहर निकल गए थे। हूती पक्ष ने इस कार्रवाई को नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बताया है। हालांकि, इन आरोपों पर सऊदी अरब की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
यमनी सरकार ने हवाई हमले से किया इनकार
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार से जुड़े अधिकारियों ने क्षेत्र में किसी भी हवाई हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है। ताएज के प्रांतीय मीडिया कार्यालय ने उल्टा हूती विद्रोहियों पर आरोप लगाया कि उनके बैलिस्टिक मिसाइल हमले नागरिकों की जान खतरे में डाल रहे हैं। कार्यालय के बयान में सार्वजनिक बाजारों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। इस तरह घटना के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। हमले की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ताएज पर नियंत्रण के लिए संघर्ष लगातार गंभीर
ताएज शहर यमन के दक्षिणी इलाकों की ओर बढ़ने के लिहाज से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हूती विद्रोहियों ने प्रांतीय राजधानी की लंबे समय से घेराबंदी कर रखी है, जहां सरकार समर्थित बल मौजूद हैं। इस स्थिति के कारण आम नागरिकों को भोजन और पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले पिछले महीने शबवा प्रांत के एक सैन्य शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 75 सैनिकों की मौत का दावा किया गया था। वहीं, सितंबर में अल-जौफ की एक जेल पर हमले में 23 लोगों की जान गई थी। विश्लेषकों के मुताबिक, अदन और लहज की ओर बढ़ने के लिए ताएज पर नियंत्रण हासिल करना हूती विद्रोहियों की रणनीति का अहम हिस्सा है। ऐसे में यहां संघर्ष और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

