Muzaffarabad Violence : पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) की राजधानी मुजफ्फराबाद में शनिवार को तनावपूर्ण हालात देखने को मिले। यहां आम लोगों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच जमकर झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी की और सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ने के बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सख्ती शुरू कर दी।
रावलाकोट में सैन्य कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से रावलाकोट में पाकिस्तानी सेना की ओर से गोलीबारी, ड्रोन हमले और आरपीजी-7 रॉकेट के इस्तेमाल के जरिए प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी सैन्य अभियान के विरोध में मुजफ्फराबाद के लोग शनिवार को सड़कों पर उतर आए। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। वे पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप
राजधानी मुजफ्फराबाद तक विरोध प्रदर्शन फैलने के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स और PoK पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई की। खबर के मुताबिक, सुरक्षा बलों की ओर से प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव बढ़ने के साथ स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

अपर प्लेट और चेला बंदी में टायर जलाकर किया विरोध
रावलाकोट में चलाए जा रहे क्लीयरेंस ऑपरेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मुजफ्फराबाद के अपर प्लेट और चेला बंदी इलाकों में टायर जलाए। आगजनी के जरिए लोगों ने सैन्य कार्रवाई का विरोध जताया। शहर के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है। दुकानों को बंद रखा गया है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। फिलहाल पूरे मुजफ्फराबाद में धारा 144 लागू होने की जानकारी दी गई है।
150 दिनों से रावलाकोट में जारी है विरोध प्रदर्शन
रावलाकोट में पिछले करीब 150 दिनों से विरोध प्रदर्शन और धरना जारी है। प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने गुरुवार से क्लीयरेंस ऑपरेशन शुरू किया था। इस कार्रवाई का उद्देश्य धरना स्थलों को खाली कराना बताया जा रहा है। हालांकि, सैन्य अभियान के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और विरोध लगातार जारी है।

बस टर्मिनल पर सुरक्षा बलों का कब्जा, चौक पर तनाव
रावलाकोट में प्रदर्शन के दो प्रमुख केंद्र बताए जा रहे हैं। इनमें से एक रावलाकोट बस टर्मिनल को पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। वहीं, दूसरे धरना स्थल उमर फारूक चौक पर रुक-रुककर गोलीबारी होने की खबर है। इस कार्रवाई के चलते इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शनकारी सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हुए धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
तीन दिनों की हिंसा में नौ लोगों की मौत का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में गोलीबारी और ड्रोन हमलों के दौरान नौ लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी धरना स्थलों पर मौजूद बताए जा रहे हैं। उनका विरोध जारी है और वे गोलीबारी तथा ड्रोन हमलों के बीच भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
मुजफ्फराबाद में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, दुकानें बंद
रावलाकोट से शुरू हुआ विरोध अब मुजफ्फराबाद तक पहुंच गया है। राजधानी में धारा 144 लागू होने के साथ पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हैं। बाजारों में दुकानें बंद हैं और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। लगातार बढ़ते तनाव के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि पाकिस्तानी प्रशासन सैन्य कार्रवाई जारी रखता है या प्रदर्शनकारियों से बातचीत का रास्ता अपनाता है।

