Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रुथ पर दावा किया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही अब लगभग सामान्य हो गई है। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध से पहले यहां रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल, कंडेनसेट और पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही होती थी। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से गुजर रहा है।
‘ट्रंप स्ट्रेट’ नाम रखने का सुझाव देकर फिर चर्चा में आए ट्रंप
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर लगातार कड़े तेवर दिखा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब अमेरिकी नियंत्रण में है तो इसका नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ किया जाना चाहिए। हालांकि, बाद में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वास्तव में इस जलमार्ग का नाम अपने नाम पर रखना चाहते हैं, तो उन्होंने इसे केवल एक सुझाव बताया।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ओमान की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा कारोबार में इसका बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां सैन्य तनाव बढ़ने, जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने या मार्ग के बंद होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा हो सकती है।
शिपिंग आंकड़े ट्रंप के दावे से अलग तस्वीर दिखा रहे
ट्रंप के मुताबिक तेल की आवाजाही काफी हद तक सामान्य हो चुकी है, लेकिन शिप-ट्रैकिंग आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं। रॉयटर्स ने केप्लर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2 सितंबर 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से केवल छह जहाज गुजरे। इनमें दो बड़े गैस कैरियर, दो लॉन्ग-रेंज टैंकर, एक सुप्रामैक्स टैंकर और एक पैनामैक्स टैंकर शामिल थे। कम जहाजों की आवाजाही क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिम का संकेत मानी जा रही है।
ईरान की ब्लैकलिस्ट से बढ़ा समुद्री कारोबार का जोखिम
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने हाल में कई जहाजों को अपनी ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है। इससे तेल और गैस के कारोबार से जुड़े जहाजों तथा कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। लगातार कम होती आवाजाही से यह आशंका भी मजबूत हुई है कि कंपनियां सुरक्षा कारणों से इस मार्ग का इस्तेमाल सीमित कर रही हैं।
IMF ने कर्ज और महंगाई को लेकर दी चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने भी होर्मुज संकट के व्यापक आर्थिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जलमार्ग के लंबे समय तक बाधित रहने से दुनियाभर में उधार लेने की लागत बढ़ सकती है। विकासशील देशों पर इसका अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव भी बढ़ने की आशंका है, जिसका असर बॉन्ड यील्ड पर पड़ सकता है।
ट्रंप ने ईरान पर दोबारा हमले की दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार है। उनका दावा है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज के आसपास ईरान की ओर से हाल में लगाए या दोबारा तैयार किए गए सभी नए सैन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
अमेरिकी हमले में मौतों का ईरान ने किया दावा
अमेरिका ने 1 सितंबर 2026 की रात ईरान पर हमला किया था। ईरान के अनुसार, इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि वह इन रिपोर्टों की जांच कर रहा है। अमेरिकी सेना का कहना है कि वह जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।
संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की। गुटेरेस ने नागरिकों की सुरक्षा, सैन्य कार्रवाई में संतुलन और अधिकतम सावधानी बरतने के सिद्धांतों की याद दिलाई।
ईरान ने नई रणनीति अपनाने की दी चेतावनी
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी हमलों के जवाब में नई रणनीति अपनाने का दावा किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की नई रणनीति अमेरिका की बुनियाद को हिला देगी। उनके मुताबिक, तेहरान सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे और आर्थिक प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए भी रणनीति तैयार करेगा।
ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में सिरिक पर हुए हमले को युद्ध अपराध बताया। उन्होंने दावा किया कि बमबारी उस स्थान पर हुई जहां शादी की रस्म चल रही थी। ईरान ने इसे अमेरिकी हताशा का प्रमाण बताया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का भी दावा किया है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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