Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित हमले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार देर रात उनके जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई घटना के बाद अब अभिषेक बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक बंगाल से लोकतंत्र विरोधी और बंगाल विरोधी ताकतों को बाहर नहीं कर दिया जाता, तब तक वह जन्मदिन का केक नहीं काटेंगे।
अभिषेक का यह बयान सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने संकल्प की बात कही है। इससे पहले भी उन्होंने वीडियो जारी कर अपने आवास पर कथित हमले की जानकारी दी थी।

लोकतंत्र विरोधी ताकतों को बाहर करने तक नहीं काटेंगे केक
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि वह तब तक जन्मदिन का केक नहीं काटेंगे, जब तक लोकतांत्रिक तरीके से बंगाल विरोधी ताकतों को राज्य से बाहर नहीं कर दिया जाता। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बंगाल की राजनीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ते हुए अपना संकल्प दोहराया।

उनके इस बयान को कथित हमले के बाद राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं और पुलिस की जांच जारी है। ऐसे में हमले की वास्तविक परिस्थितियों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ममता बनर्जी ने घटना को बताया प्रायोजित बदतमीजी
इस मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के आवास पर हुई घटना को प्रायोजित बदतमीजी करार दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि पिछली रात अभिषेक के घर पर हमला हुआ। उन्होंने इंडिया गठबंधन के साथ खड़े होने की बात भी कही।

ममता बनर्जी के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं गुस्से और राजनीतिक व्यवहार का नतीजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को लगता है कि वे भगवान हैं और उन्हें किसी नियम या व्यवस्था की परवाह नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस सरकार के अधीन काम करती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
अभिषेक ने वीडियो जारी कर बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने दावा किया कि उनके आवास की लगातार दो दिनों तक रेकी की गई और शुक्रवार देर रात करीब दो बजे बीजेपी से जुड़े कुछ लोग हमला करने के इरादे से वहां पहुंचे थे।
अभिषेक ने लोगों से वीडियो फुटेज देखने और खुद फैसला करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित घटना के दौरान बीजेपी समर्थकों ने उनके आवास के बाहर ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो राज्य के आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज, पुलिस जांच जारी
अभिषेक बनर्जी की ओर से लगाए गए आरोपों को बीजेपी ने खारिज किया है। सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब सत्ता हाथ से जाने लगती है, तब इस तरह के आरोप लगाना आम बात है। बीजेपी की ओर से इस मामले में अभिषेक के दावों को स्वीकार नहीं किया गया है।
वहीं, कोलकाता पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान दोनों गुटों के बीच हंगामा हुआ था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक पुलिस अधिकारी ने मामले की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, लेकिन बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ सकता है विवाद
अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित हमले के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं बीजेपी ने इन दावों को खारिज किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मामले में अभिषेक के समर्थन में सामने आई हैं।फिलहाल पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
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