POK Terrorist Funeral: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में शामिल आतंकियों में से एक जिबरान उर्फ हबीब ताहिर का अंतिम संस्कार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के खाई गला गाँव में किया गया। इससे एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता पर गहरे सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर जारी अंतिम संस्कार के वीडियो में देखा गया कि कई स्थानीय लोग मौजूद थे और लश्कर कमांडर रिज़वान हनीफ भी वहाँ पहुँचा, लेकिन मृत आतंकी के परिवार ने उसे शामिल होने से रोक दिया।

तकों की पहचान गिरफ्तार आरोपी ने की
पिछले सोमवार को श्रीनगर के दाचीगाम जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन महादेव’ में पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकवादी मारे गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए आतंकियों के नाम सुलेमान, अफगान और जिबरान हैं। एक गिरफ्तार किए गए व्यक्ति, जिसने इन आतंकियों को रसद सहायता दी थी, ने ही शवों की पहचान की।

अंतिम संस्कार में मचा हंगामा
जिबरान उर्फ हबीब ताहिर, जो कि लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ सदस्य था, का पीओके स्थित उसके पैतृक गाँव में अंतिम संस्कार किया गया। जब लश्कर कमांडर रिज़वान हनीफ वहाँ पहुँचा, तो ताहिर के परिजनों ने उसका विरोध किया और अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रिज़वान के साथ आए आतंकियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों को बंदूक दिखाकर डराने की कोशिश की। इस टकराव के बाद रिज़वान वहाँ से लौट गया।
22 अप्रैल के पहलगाम हमले में मारे गए थे 25 पर्यटक
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद तीनों आतंकवादी फरार हो गए थे और करीब तीन महीने तक छिपे रहे। हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों को उस समय अहम सुराग मिला जब आतंकवादी मूसा ने एक बार फिर T82 अल्ट्रासेट सैटेलाइट फोन को सक्रिय किया।
सैटेलाइट फोन की सक्रियता से मिला सुराग
T82 अल्ट्रासेट सैटेलाइट संचार उपकरण की पुनः सक्रियता के चलते आतंकियों की लोकेशन का पता चला, जिससे सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन महादेव की रणनीति बनाई। आखिरकार, यह ऑपरेशन सफल रहा और पहलगाम हमले के तीनों मुख्य आरोपी मारे गए। इस पूरी कार्रवाई ने पाकिस्तान की आतंकी नेटवर्क में गहरी भागीदारी की ओर स्पष्ट संकेत दिए हैं।
आतंकियों का पीओके में अंतिम संस्कार, लश्कर की सक्रियता और हमले से जुड़ी रणनीति के खुलासे ने पाकिस्तान की भूमिका को एक बार फिर उजागर कर दिया है। भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तथ्य को जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर ली है।










