Betul Crime : मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में अंधविश्वास का एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम ताईखेड़ा में एक 12 वर्षीय मासूम बालक, अंकुश आहके की जादू-टोने के शक में दो दरिंदों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बालक 20 जून से लापता था, जिसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों ने मासूम को खेलने के बहाने अपने साथ ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।

मासूम की तलाश और पुलिस की विशेष टीम का गठन
बालक की गुमशुदगी की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना प्रभारी विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस ने विभिन्न संभावित ठिकानों और संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान गांव के ही सुदामा इनवाती का नाम सामने आया, जो बालक को घर से साथ ले गया था। पुलिस ने जब संदेही सुदामा को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी राकेश उइके के साथ मिलकर साजिश रची थी। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की सख्त पूछताछ ने इस क्रूर हत्याकांड की परतों को खोलकर रख दिया।

जादू-टोने का शक बना मासूम की मौत का कारण
पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने बताया कि उन्हें शक था कि अंकुश के परिवार पर या किसी अन्य माध्यम से जादू-टोना किया जा रहा है। इसी अंधविश्वास के अंधेरे में डूबे दोनों आरोपियों ने 12 साल के मासूम को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई। खेलने का बहाना बनाकर वे उसे सुनसान जगह पर ले गए। वहां आरोपियों ने पहले लोहे की रॉड से उस पर हमला किया और फिर गला घोंटकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। बेरहमी की हद तो तब हो गई जब उन्होंने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को एक बोरी में ठूंसा और गांव के पास स्थित जंगल के नाले में फेंक दिया।
पुलिस की निशानदेही पर बरामद हुआ शव, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों आरोपियों, सुदामा इनवाती (18 वर्ष) और राकेश उइके (36 वर्ष) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ग्राम सालईढाना के जंगल पहुंची, जहां नाले में बोरी में बंधा शव बरामद किया गया। मृतक के परिजनों ने शव की पहचान अंकुश के रूप में की। इस बर्बरतापूर्ण घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह मामला एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास की जड़ों पर प्रहार करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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