Trump warns India : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूस से तेल और हथियार खरीदने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट कर भारत पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदकर उसे खुले बाजार में ऊंचे मुनाफे पर बेच रहा है, जबकि यूक्रेन युद्ध में मारे जा रहे नागरिकों की उसे कोई परवाह नहीं है।

रूस से व्यापार को बताया यूक्रेन युद्ध का समर्थन
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के रूस से 35–40% तेल आयात और हथियारों की खरीद को यूक्रेन युद्ध के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन करार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत केवल व्यापारिक लाभ देख रहा है, जबकि रूस की आक्रामकता को नज़रअंदाज कर रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जुलाई 2025 में प्रस्तावित सीनेट बिल के तहत भारत और चीन जैसे देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।

1 अगस्त से लागू किया गया 25% टैरिफ
अमेरिकी प्रशासन ने 1 अगस्त 2025 से भारत पर 25% टैरिफ लागू कर दिया है। यह टैरिफ अप्रैल 2025 में घोषित 26% टैरिफ से थोड़ा कम है, लेकिन साथ ही ट्रंप सरकार ने रूस से तेल और हथियारों की खरीद पर अतिरिक्त पेनल्टी लगाने की भी धमकी दी है। भारत सरकार और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस निर्णय के आर्थिक प्रभावों का आंकलन कर रहे हैं।
BTA वार्ता में कृषि और डेयरी पर बनी दीवार
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है और छठा दौर अगस्त 2025 में प्रस्तावित है। हालांकि भारत ने मोटर बाइक और व्हिस्की पर टैरिफ में छूट दी है, लेकिन कृषि, डेयरी और फसलों को समझौते में शामिल करने से इनकार कर दिया है, जिससे गतिरोध बना हुआ है।
WTO में अमेरिका को चुनौती देने की तैयारी में भारत
भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के टैरिफ के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) में कानूनी चुनौती देने का अधिकार सुरक्षित रखती है। इसके साथ ही भारत जवाबी टैरिफ लगाने की रणनीति भी तैयार कर सकता है, जिससे अमेरिका को आर्थिक रूप से जवाब दिया जा सके।
भारतीय निर्यात पर पड़ेगा बड़ा असर
25% टैरिफ से भारत के टेक्सटाइल, कॉपर, ऑटो पार्ट्स, रत्न और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से, 50% टैरिफ से भारत के $360 मिलियन के कॉपर एक्सपोर्ट को नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही, दवाओं के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जो अमेरिका को भारत का एक प्रमुख निर्यात क्षेत्र है।
GDP पर पड़ेगा 0.2% का असर, व्यापार संतुलन पर संकट
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अमेरिकी टैरिफ के चलते भारत की जीडीपी पर लगभग 0.2% का असर पड़ेगा, जिससे विकास दर 6.6% से घटकर 6.4% तक आ सकती है। वर्ष 2024–25 में भारत ने अमेरिका के साथ कुल $131.8 बिलियन का व्यापार किया था, जिसमें $86.5 बिलियन का निर्यात और $45.3 बिलियन का आयात शामिल है। नई टैरिफ नीति से भारत के निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी आशंका है।
Read More : Electricity bill scheme : बिजली बिल हाफ योजना खत्म, महंगाई का करंट झेलने को मजबूर जनता










