Ram Rahim parole : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर सुनारिया जेल से बाहर आ गए हैं। इस बार उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली है। पुलिस सुरक्षा के बीच 5 अगस्त की सुबह वह सिरसा स्थित अपने डेरा आश्रम के लिए रवाना हुए। यह 14वीं बार है जब राम रहीम को जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई है। इससे पहले 9 अप्रैल को उन्हें 21 दिन की फरलो पर छोड़ा गया था।

15 अगस्त को 58वां जन्मदिन मनाएंगे डेरा प्रमुख
राम रहीम की यह पैरोल ऐसे समय पर मिली है जब 15 अगस्त को उनका जन्मदिन है। वह इस दिन 58 वर्ष के हो जाएंगे और डेरे में पूरे महीने कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अप्रैल में जब वह फरलो पर बाहर आए थे, तब 29 अप्रैल को डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस था। वहीं फरवरी 2024 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें 30 दिन की पैरोल मिली थी।

91 दिन रह चुके हैं जेल से बाहर पिछले 4 महीनों में
गुरमीत राम रहीम को मिली यह नई पैरोल 5 अगस्त से 14 सितंबर तक के लिए है। यानी वे कुल 40 दिन बाहर रहेंगे। इससे पहले इस साल जनवरी से लेकर अब तक के चार महीनों में वे 91 दिन जेल से बाहर रह चुके हैं। पैरोल की शर्तों के मुताबिक, राम रहीम अपने सिरसा स्थित डेरा आश्रम में ही रहेंगे और वह कहीं और नहीं जा सकेंगे।
किस मामले में सजा काट रहा है राम रहीम?
गुरमीत राम रहीम अगस्त 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं। उन्हें पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार का दोषी पाया था। कोर्ट ने उन्हें 20-20 साल की दो अलग-अलग सजा सुनाई थी। इसके साथ ही, उन्हें पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया। वह अब इन मामलों में कुल मिलाकर उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
राजनीतिक चर्चाओं में फिर से राम रहीम की रिहाई
राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिलने को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा होती रही है। खासकर चुनावी माहौल में या विशेष अवसरों पर उनकी रिहाई पर राज्य सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि हर बार कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत उन्हें रिहा किया गया है, ऐसा प्रशासन का कहना होता है।
राम रहीम की बार-बार जेल से बाहर आने की घटनाएं न केवल कानूनी बहस को जन्म देती हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन जाती हैं। अब यह देखना होगा कि इस बार उनकी 40 दिन की रिहाई क्या कोई नया विवाद खड़ा करती है या शांतिपूर्ण तरीके से बीतती है।











