Rahul Gandhi claim : सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी को लेकर बड़ा सवाल उठा जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चीन ने भारत की करीब 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। कोर्ट ने पूछा कि राहुल को यह जानकारी कैसे मिली? कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसा नहीं कहेंगे।”

इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने के बजाय अब आक्रामक मुद्रा में आ गई है। पार्टी ने इस दावे के पीछे तीन मुख्य आधार पेश किए हैं और कहा है कि सवाल पूछना संविधानिक अधिकार है।

कांग्रेस के तीन आधार
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने राहुल गांधी के दावे को तीन आधारों पर आधारित बताया है। पहला आधार उनकी लद्दाख यात्रा है, जो उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के जन्मदिन के मौके पर की थी। राहुल बाइक से पैंगोंग लेक और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचे थे, जहां स्थानीय लोगों और गड़रियों ने बताया कि वे गलवान झड़प से पहले जिन क्षेत्रों में जाते थे, अब वहां नहीं जा सकते, क्योंकि अब उन इलाकों में चीन की सेना मौजूद है, न कि भारत की।
दूसरा आधार भाजपा के ही सांसद तापिरगामी का संसद में दिया गया बयान है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया है।तीसरा आधार राहुल की उन रिटायर्ड सेना अधिकारियों से मुलाकात है, जो पहले इन विवादित क्षेत्रों में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने राहुल को बताया कि पहले भारतीय सेना जिन इलाकों तक पेट्रोलिंग करती थी, अब वहां चीन का कब्जा है और भारतीय जवान वहां तक नहीं जा पाते।
पवन खेड़ा बोले – सच्चा भारतीय सवाल करता है
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “एक सच्चा भारतीय अपनी सरकार से सवाल पूछता है। संविधान उसे यह हक और हिम्मत देता है और न्यायपालिका उसका संरक्षण करती है।”खेड़ा ने यह भी संकेत दिया कि सवाल पूछना राष्ट्रभक्ति का हिस्सा है, न कि राष्ट्र-विरोध।
केसी वेणुगोपाल का आरोप
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जब संसद में कोई आवाज नहीं उठती, तो सड़कों पर सवाल गूंजने चाहिए। उन्होंने कहा, “चीन की घुसपैठ राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला है और हमने बार-बार संसद में जवाब मांगा, लेकिन सरकार प्रचार में व्यस्त रहती है और असली सवालों से कतराती है।”
वेणुगोपाल ने आगे कहा, “अगर सरकार हमारी सीमाओं की रक्षा नहीं कर पा रही है, तो नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि वे उसे जवाबदेह ठहराएं। लेकिन मोदी के भारत में सवाल पूछना राष्ट्र-विरोध बन जाता है, और आंख मूंद लेना देशभक्ति।”
राहुल गांधी के बयान पर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक गर्मी में तब्दील हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के सवाल और भाजपा के हमले के बाद कांग्रेस ने न सिर्फ अपने नेता का बचाव किया, बल्कि सरकार से सीमा सुरक्षा को लेकर जवाब भी मांगा है। मामला अब सिर्फ एक बयान का नहीं, बल्कि सवाल पूछने के अधिकार और जवाबदेही के सिद्धांत पर जा पहुंचा है।











