Raipur Nakti Village Protest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना स्थित ग्राम नकटी में विधायक कॉलोनी (एमएलए कॉलोनी) के प्रस्तावित निर्माण के लिए 80 से अधिक गरीब परिवारों के मकानों को ध्वस्त किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकानों को भी नहीं बख्शा गया, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है। इस अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया गया। बस्तर से लेकर कांकेर और दंतेवाड़ा तक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।

बस्तर में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की
बस्तर में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस भवन के सामने एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की तस्वीर भी जलाकर विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने इस कार्रवाई को मानसून के बीच एक क्रूर और अमानवीय कदम बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रभावित 85 परिवारों को तत्काल न्याय, उचित पुनर्वास और मुआवजा नहीं दिया गया, तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।

दंतेवाड़ा में तेज बारिश के बीच सरकार के खिलाफ गर्जना
दंतेवाड़ा में भी जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील मोहम्मद रिज़वी के नेतृत्व में भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ता राजीव भवन में एकजुट हुए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार को गरीबों की आवाज दबाने वाली सरकार करार दिया। शकील रिज़वी ने कहा कि विधायक कॉलोनी के नाम पर गरीबों को बेघर करना निंदनीय है, जबकि इस समय सरकार को लोगों को छत मुहैया करानी चाहिए थी। प्रदर्शन में पूर्व विधायक देवती महेंद्र कर्मा सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कांकेर में मलबे में दबे बच्चों के खिलौने और किताबें
कांकेर के पुराना बस स्टैंड में भी मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तोड़फोड़ की प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में की गई कि बच्चों की किताबें, साइकिलें और घर का जरूरी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। बसंत यादव ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करेगी।
कांग्रेस की मांग: तत्काल पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित हो
प्रदेशभर में हो रहे इन प्रदर्शनों के माध्यम से कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि विकास के नाम पर किसी गरीब को बेघर करना अस्वीकार्य है। विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए हुई इस तोड़फोड़ ने न केवल परिवारों को बेसहारा कर दिया है, बल्कि सरकारी संवेदनशीलता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करती है या फिर कांग्रेस का यह संघर्ष और तीव्र गति पकड़ता है।
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