Bolsonaro coup plot : जेयर बोलसोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति हैं, जिन्हें अक्सर उनकी विवादास्पद बयानबाज़ी और धुर दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए जाना जाता है। उन्हें ‘ब्राजील का हिटलर’ भी कहा जाता है। हाल ही में ब्राजील की अदालत ने उन्हें हाउस अरेस्ट में भेज दिया है। आरोप है कि उन्होंने सत्ता से बाहर होने के बावजूद देश में तख्तापलट की साजिश रची थी। कोर्ट के आदेश पर उनके मोबाइल फोन की भी जांच हो रही है और किसी को उनसे मिलने की अनुमति नहीं है।

भारत के 71वें गणतंत्र दिवस में थे मुख्य अतिथि
बोलसोनारो भारत से भी नाता रख चुके हैं। साल 2020 में भारत के 71वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उस समय भारत-ब्राजील संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में यह दौरा अहम माना गया था। हालांकि उनके विवादास्पद राजनीतिक व्यक्तित्व को लेकर भारत में भी आलोचनाएं हुई थीं।

महिलाओं और समलैंगिकों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां
बोलसोनारो पर महिलाओं, समलैंगिकों और अश्वेतों के प्रति बेहद अपमानजनक और घृणित टिप्पणियों का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने एक बार कहा था कि “अगर कोई दो लड़के मुझे सड़क पर दिख जाएं, तो मैं उन्हें वहीं थप्पड़ मार दूंगा।” इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बेटे को लेकर भी कहा था कि “अगर वह समलैंगिक होगा, तो मैं उसे किसी हादसे में मरता देखना पसंद करूंगा।” 2015 में एक महिला सांसद के खिलाफ बोलते हुए उन्होंने कहा था कि “वह रेप के लायक भी नहीं है।” इस बयान पर अदालत ने उन्हें मुआवज़ा देने का आदेश भी दिया था।
तानाशाही के समर्थक, लोकतंत्र के आलोचक
बोलसोनारो खुले तौर पर खुद को तानाशाही समर्थक बताते हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि “ब्राजील की जेलें पाप धोने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं।” वह मानते हैं कि देश में बदलाव के लिए सिर्फ गृहयुद्ध ही एकमात्र रास्ता है। उनके अनुसार, “अगर बदलाव के दौरान कुछ निर्दोष लोग मारे भी जाते हैं, तो यह कोई बड़ी बात नहीं।” उन्होंने लोकतांत्रिक चुनावों पर भी विश्वास नहीं जताया और कहा था कि “नागरिकों के वोट से कुछ नहीं बदलने वाला।”
बार-बार सत्ता वापसी की कोशिश
बोलसोनारो पहले भी ब्राजील में सत्ता पलटने और दोबारा सरकार बनाने का दावा कर चुके हैं। उनकी विचारधारा और भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ मानी जाती है। ब्राजील की वर्तमान सरकार और न्यायपालिका उन्हें देश के लिए एक बड़ा खतरा मान रही है, और इसी के चलते उनके खिलाफ ताजा कार्रवाई हुई है।
बोलसोनारो का राजनीतिक जीवन उग्र राष्ट्रवाद, असहिष्णुता और लोकतंत्र विरोधी विचारों से भरा रहा है। हाउस अरेस्ट की मौजूदा कार्रवाई और तख्तापलट की साजिश के आरोप न सिर्फ ब्राजील बल्कि वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ हैं। भारत में कभी सम्मानित अतिथि रहे बोलसोनारो का वर्तमान राजनीतिक पतन अब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है।










