Child Trafficking Case: नाबालिग का अपहरण कर दो बार बेचा गया विवाह के लिए, 24 महीने बाद CBI ने राजस्थान से छुड़ाया

Child Trafficking Case:  देश में नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उन्हें जबरन शादी के लिए बेचने का घिनौना धंधा एक बार फिर उजागर हुआ है। ताजा मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया है, जहां एक किशोरी का अपहरण कर उसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए बालिग घोषित किया गया और फिर दो बार विवाह के लिए बेचा गया।

ads

यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता की मां ने अपनी बेटी की तलाश में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। करीब दो वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई और राज्य एजेंसियों की विफलता के बाद कोर्ट ने मामला CBI को सौंपा, जिसने अब जाकर राजस्थान के पाली जिले से लड़की को सुरक्षित बरामद किया है।

Adst

अपहरण, फर्जी दस्तावेज और सौदा

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की रहने वाली यह नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने पहले स्थानीय पुलिस में शिकायत की, लेकिन सही कार्रवाई न होने पर मामला हाई कोर्ट पहुंचा। इस बीच, बच्ची को पहले राजस्थान लाया गया, जहां उसके आधार और जन्म प्रमाणपत्र में हेरफेर कर उसे 18 साल से ऊपर दिखाया गया। CBI जांच में सामने आया कि लड़की को पहले एक व्यक्ति को विवाह के लिए बेचा गया, लेकिन कुछ समय बाद दूसरी बार एक और व्यक्ति को सौंप दिया गया। दोनों बार यह शादी जबरन करवाई गई और लड़की को किसी सामान की तरह इस्तेमाल किया गया।

24 महीने बाद मिली बेटी, मां की जीत

CBI ने अपनी जांच के दौरान कई राज्यों में छापेमारी की। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आखिरकार पाली जिले के एक गांव से लड़की को बरामद किया गया। पीड़िता ने अधिकारियों को बताया कि उसे न केवल मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, बल्कि हर बार उसे यह बताया गया कि वह बालिग है और शादी कानूनी है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता की आपबीती सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। उसे घर से दूर, अनजान लोगों के बीच कैद कर रखा गया था। जब उसने विरोध किया तो उसे धमकाया गया, मारपीट की गई और बार-बार कहा गया कि वह अब किसी की पत्नी है।

प्रशासन और तस्करी रैकेट पर गंभीर सवाल

यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है —किस तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक नाबालिग को बालिग दिखाया गया? राज्य की पुलिस इस पूरे दौरान क्या कर रही थी?शादी के नाम पर लड़कियों की तस्करी का नेटवर्क कब तक खुलेआम चलता रहेगा? CBI ने अब पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। इसमें शामिल बिचौलिए, दस्तावेज बनाने वाले और खरीदारों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा था।

कानून की जीत, लेकिन देर से

इस दर्दनाक घटना में मां की हिम्मत और न्याय व्यवस्था पर विश्वास की जीत हुई है। हालांकि, यह सवाल रह जाता है कि अगर समय रहते राज्य पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो शायद बच्ची को दो साल तक यह यातना न सहनी पड़ती। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि देश में लड़कियों की सुरक्षा केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने से होगी।

Read More  : Koradi temple accident: कोराडी महालक्ष्मी मंदिर में निर्माणाधीन द्वार का स्लैब गिरा: 17 मजदूर घायल, 3 की हालत नाजुक

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.