Zelensky peace warning : रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में अमेरिका और रूस के बीच होने वाले संभावित शांति समझौते को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कड़ी चेतावनी दी है। जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि रूस और अमेरिका के बीच कोई भी शांति समझौता यूक्रेन को शामिल किए बिना होता है, तो वह समझौता पूरी तरह से अवैध और अप्रभावी होगा।

9 अगस्त 2025 को एक टेलीग्राम पोस्ट के माध्यम से जेलेंस्की ने यह बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “अगर यूक्रेन इस शांति समझौते का हिस्सा नहीं होता और वह शांति के खिलाफ होता है, तो वह केवल एक मृत समाधान होगा, जो कभी काम नहीं करेगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की संविधानिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और इसके नागरिक अपनी भूमि को किसी भी बाहरी कब्जे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शांति के लिए तैयार, लेकिन बिना यूक्रेन के कोई भी समझौता नाकाम
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, “हम शांति के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसा कोई भी निर्णय जो हमारे खिलाफ हो, हमारी गैर-मौजूदगी में हो और जो शांति के खिलाफ हो, वह सिर्फ व्यर्थ होगा। ऐसे फैसले कभी काम नहीं करेंगे।” उनका मानना है कि एक वास्तविक शांति तभी संभव है जब सभी पक्षों का सम्मान किया जाए और यूक्रेन को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक ऐसी शांति ही स्थायी हो सकती है, जिसे सभी लोग स्वीकार करें और सम्मान दें। जेलेंस्की ने इसे “अवधारणात्मक शांति” की बजाय “सार्थक और पूरी तरह से सम्मानजनक शांति” करार दिया, जो सभी देशों के लिए लाभकारी हो।
पुतिन के खिलाफ आरोप
जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर निशाना साधते हुए कहा कि पुतिन ने कभी भी यूक्रेन के नागरिकों पर विश्वास नहीं किया, और यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। उन्होंने कहा, “पुतिन ने यूक्रेन के लोगों को नजरअंदाज किया, और यही कारण है कि उन्होंने हमारे देश पर कब्जा करने का निर्णय लिया, जो कि एक पूरी तरह से निराशाजनक कदम था।”
उनके मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के जनादेश को नजरअंदाज किया, और यही उसकी रणनीतिक गलती थी। जेलेंस्की का मानना है कि रूस को यूक्रेन के साथ शांति स्थापित करने का हर मौका दिया गया था, लेकिन अब यूक्रेन के नागरिकों के लिए यह समय अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने का है।
शांति का महत्व
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, “हम रूस को उसके द्वारा किए गए अपराधों के लिए कोई पुरस्कार नहीं देंगे।” उनका यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि यूक्रेन अपने नागरिकों की सुरक्षा और न्याय के लिए कभी भी समझौता नहीं करेगा। उनका स्पष्ट संदेश था कि यूक्रेन को पूरी और वास्तविक शांति का अधिकार है, जो न केवल उसकी सुरक्षा बल्कि उसकी स्वतंत्रता और सम्मान की गारंटी दे।
जेलेंस्की के बयान से यह साफ है कि यूक्रेन किसी भी शांति समझौते के बिना, जिसमें उसकी भागीदारी न हो, उसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। उनका यह दृष्टिकोण वैश्विक राजनीति में एक मजबूत संदेश देता है कि किसी भी समझौते में सभी प्रभावित पक्षों की भागीदारी जरूरी है, और यूक्रेन की संप्रभुता और उसकी संविधानिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस तरह की चेतावनी यह भी दिखाती है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान केवल शांति की ओर बढ़ने से संभव है, और इसके लिए सभी देशों को एक साझा और सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाना होगा।










