Goa Independence Story : इंडिपेंडेंस डे 2025: गोवा को आज़ादी मिलने की ऐतिहासिक कहानी

Goa Independence Story :  15 अगस्त को भारतभर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, जब भारत ने 1947 में अंग्रेजों से स्वतंत्रता प्राप्त की। हालांकि, यह दिन गोवा के लिए एक विशेष ऐतिहासिक संदर्भ रखता है। गोवा को आज़ादी 15 अगस्त 1947 के दिन नहीं मिली थी, बल्कि इसे स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए और 14 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। तो, गोवा को आखिरकार कब और कैसे आज़ादी मिली?

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गोवा: पुर्तगाली उपनिवेश का हिस्सा

भारत में अंग्रेजों के सत्ता छोड़ने और स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भी गोवा पुर्तगाली उपनिवेश बना रहा। गोवा 1510 से ही पुर्तगालियों के अधीन था, जबकि भारत में अंग्रेजों का शासन समाप्त हो चुका था। जब भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की, तब भी गोवा पर पुर्तगालियों का शासन कायम रहा। पुर्तगाल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बावजूद गोवा को अपने कब्जे में बनाए रखा।

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गोवा को आज़ादी मिलने में 14 साल क्यों लगे?

भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, गोवा में भी स्वतंत्रता संग्राम चलाने की आवाज़ें उठने लगीं, लेकिन यह संघर्ष देश के बाकी हिस्सों की तरह मजबूत नहीं हो सका। 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बावजूद, गोवा को पुर्तगालियों के अधीन रहने से मुक्ति नहीं मिली। 19वीं शताब्दी में गोवा मुक्ति आंदोलन तो चला, लेकिन यह पूरी तरह से संगठित नहीं हो पाया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत ने कई वार्ताओं की कोशिश की, लेकिन पुर्तगाल ने सत्ता सौंपने से इंकार कर दिया। इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत ने सैन्य हस्तक्षेप की योजना बनाई और 1961 में ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत गोवा मुक्ति की दिशा में कदम उठाए।

ऑपरेशन विजय: 18 दिसंबर 1961

18 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर गोवा में सशस्त्र कार्रवाई शुरू की। इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन विजय’ रखा गया। गोवा में उस समय सिर्फ 3,300 पुर्तगाली सैनिक थे। भारतीय सेना ने तेजी से आगे बढ़ते हुए पुर्तगाली शासन को समाप्त कर दिया। 18 दिसंबर को शाम 6 बजे, गोवा के सचिवालय में पुर्तगाली झंडे को हटाकर एक सफेद ध्वज फहराया गया, जो आत्मसमर्पण का प्रतीक था।

भारतीय तिरंगा कब फहराया गया?

19 दिसंबर 1961 की सुबह, भारतीय सेना के मेजर जनरल कैंडेथ ने गोवा के सचिवालय में भारतीय तिरंगे को फहराया। यह दिन गोवा के लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि यह पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद पहला दिन था, जब भारतीय तिरंगा वहां लहराया। इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के सात वीर जवानों और अन्य सैनिकों ने अपनी जान की आहुति दी थी, जिनकी याद में गोवा के युद्ध स्मारक “गोमांतक” पर एक स्थायी निशान स्थापित किया गया है।

गोवा मुक्ति दिवस: एक ऐतिहासिक उत्सव

गोवा मुक्ति दिवस, जिसे 19 दिसंबर को मनाया जाता है, गोवा राज्य में एक महत्वपूर्ण उत्सव है। इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, और इस दिन का महत्व गोवा के नागरिकों के लिए अत्यधिक है। यह दिन ना केवल भारतीय सैनिकों की वीरता का प्रतीक है, बल्कि यह गोवा की आज़ादी और पुर्तगाली साम्राज्य से मुक्ति का भी प्रतीक है।

जब भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की, तो गोवा को आज़ादी के लिए 14 और वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। 19 दिसंबर 1961 को ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्ति मिली और भारतीय तिरंगा वहां लहराया। गोवा मुक्ति दिवस आज भी गोवा में गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन की ऐतिहासिक अहमियत न केवल गोवा बल्कि भारत के इतिहास का एक अनमोल हिस्सा बन चुकी है।

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