Jharkhand Protest: रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने आगे की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का अगला कदम पूरी तरह राज्य सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। महतो के मुताबिक, यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों से जुड़ा हुआ है।

युवाओं के भविष्य के लिए जारी है आंदोलन
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र किसी राजनीतिक दल के कहने पर नहीं आए हैं। उन्होंने इसे युवाओं, उनके परिवारों और उन माता-पिता के संघर्ष से जुड़ा आंदोलन बताया, जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक त्याग किया है। महतो ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं।

वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप
छात्र नेता ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और कंटीले बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में केवल तिरंगा था और आंदोलनकारियों ने अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की। महतो ने अपनी शारीरिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वह ठीक से चलने की स्थिति में भी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
देवेंद्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा छात्रों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं। महतो ने आरोप लगाया कि यदि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होती है तो इसमें बड़े लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। हालांकि, ये सभी आरोप छात्र नेता द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों की मांगों पर फैसला लेने की अपील
महतो ने राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक या व्यक्तिगत हितों के बजाय लाखों युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकला तो आंदोलन समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

पुलिस कार्रवाई पर छात्र ने उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। छात्र का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान एक पुरुष पुलिसकर्मी ने महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाई। उसने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं के कपड़े तक फट गए। छात्र ने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे और ऐसी कार्रवाई उचित नहीं थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी से की अपील
बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पिछले वर्षों के दौरान JPSC और JSSC से जुड़ी नौकरियों में अनियमितताएं हुई हैं और कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा है। मरांडी ने राहुल गांधी से कहा कि यदि वह वास्तव में छात्रों के साथ खड़े हैं तो राज्य सरकार पर निष्पक्ष CBI जांच कराने के लिए दबाव डालें।
समर्थन वापस लेने की दी चुनौती
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में बयान देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने को कहें। मरांडी ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर सरकार पर दबाव नहीं बनाती है तो उसे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए।
योगेंद्र यादव ने बल प्रयोग का किया विरोध
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी छात्र आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों की मांगें तर्कसंगत हैं। उनके अनुसार, अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता चाहते हैं। यादव ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक सरकार के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जवाब में बल प्रयोग उचित रास्ता नहीं होना चाहिए।
संवाद से समाधान निकालने की अपील
योगेंद्र यादव ने झारखंड सरकार से आंदोलनकारी छात्रों के साथ सार्थक बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर ठोस और समयबद्ध समाधान निकालना चाहिए, जिसे प्रदर्शनकारी भी स्वीकार कर सकें। छात्र आंदोलन, राजनीतिक बयानबाजी और पुलिस कार्रवाई के बीच अब सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर है।
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