Trump Zelensky meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि इस बैठक का नतीजा चाहे जो भी हो, अमेरिका यूक्रेन का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर जेलेंस्की चाहें तो युद्ध तुरंत खत्म हो सकता है। ट्रंप का यह बयान उनके पुराने रुख की याद दिलाता है, जब उन्होंने कहा था कि “युद्ध रोकना उतना मुश्किल नहीं है जितना लोग मानते हैं।”



यूरोपीय नेताओं और नाटो चीफ की मौजूदगी
इस मुलाकात में यूरोपीय संघ की अध्यक्ष, नाटो महासचिव और ब्रिटेन, जर्मनी, इटली जैसे देशों के नेता भी व्हाइट हाउस पहुंचे। एजेंडा साफ था-रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में ठोस बातचीत। बैठक खत्म होने के बाद ट्रंप का प्लान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर चर्चा करने का है।

चुनाव को लेकर ट्रंप-जेलेंस्की में नोकझोंक
बैठक के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा यूक्रेन में चुनाव कराने को लेकर उठा। जेलेंस्की ने साफ कहा कि वह युद्ध खत्म होने के बाद ही राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। इस पर ट्रंप ने हल्के तंज में पूछा, “जंग के दौरान चुनाव न कराने का क्या मतलब है?”
जेलेंस्की ने जवाब दिया कि युद्ध जारी रहते हुए लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से चुनाव कराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा-“हमें जमीन, आसमान और समुद्र, हर जगह सीजफायर चाहिए। तभी चुनाव कराना मुमकिन होगा।” इस पर ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा-“अगर साढ़े तीन साल बाद अमेरिका किसी युद्ध में हुआ तो क्या चुनाव नहीं होंगे? वैसे भी तब मेरा दूसरा कार्यकाल खत्म होगा। ओह, यह तो अच्छी बात है।”

ट्रंप का बदला हुआ रुख: बोले- सीजफायर जरूरी नहीं
पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि अगर सीजफायर नहीं हुआ तो क्या इसके गंभीर नतीजे होंगे। इस पर उन्होंने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा-“मुझे नहीं लगता कि सीजफायर जरूरी है। यह अच्छा हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं है।”

यह बयान उनके पिछले हफ्ते की पोजिशन से अलग था। तब पुतिन से मुलाकात से पहले ट्रंप ने कहा था कि वह “जल्दी सीजफायर” चाहते हैं और अगर रूस ने कदम नहीं उठाया तो अमेरिका कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा।
बाइडेन पर हमला, युद्ध को कहा मुश्किल मामला
ट्रंप ने बातचीत के दौरान पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “बाइडेन 2023 में रूस के हमले को रोक नहीं पाए।” ट्रंप ने आगे कहा कि अब तक कई युद्ध उन्होंने खत्म करवाए हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन का मामला कहीं ज्यादा जटिल है।
उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें यह आसान लगा था, लेकिन हालात बेहद मुश्किल साबित हो रहे हैं। ट्रंप ने कहा-“जेलेंस्की और पुतिन दोनों ही शांति चाहते हैं, लेकिन यह युद्ध कब खत्म होगा, इसकी कोई निश्चितता नहीं है।”

पुतिन से फोन पर होगी बातचीत
जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ट्रंप का अगला कदम पुतिन से सीधी बातचीत करना है। उन्होंने कहा कि पुतिन उनसे कॉल की उम्मीद कर रहे हैं और बातचीत में वह जेलेंस्की-पुतिन-ट्रंप की त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखेंगे।
ट्रंप ने कहा-“यह बैठक हो भी सकती है और नहीं भी। अगर हुई तो जंग खत्म करने का बड़ा मौका होगा। अगर नहीं हुई तो लड़ाई जारी रहेगी।” उनके मुताबिक अगर बैठक हुई तो युद्धविराम की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।

क्या जंग के अंत की ओर बढ़ रहा है रास्ता?
व्हाइट हाउस की यह मुलाकात रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। हालांकि, सीजफायर पर ट्रंप का बदला हुआ रुख और जेलेंस्की की चुनाव संबंधी शर्तें यह दिखाती हैं कि राह अभी आसान नहीं है। अब सबकी नजर ट्रंप और पुतिन की बातचीत पर होगी, जो शायद इस जंग को समाप्त करने की नई संभावनाएं पैदा कर सके।













