Israel Hamas war : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को गाजा पर कब्जा करने और हमास के साथ बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत शुरू करने का आदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने यह निर्देश इजरायल रक्षा मंत्री योआव गैलेंटे के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद दिया। बैठक के बाद नेतन्याहू ने IDF के हेड ऑफिस के बाहर मीडिया को इस फैसले की जानकारी दी।

प्रस्ताव की शर्तों को मानते हुए बातचीत शुरू
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने IDF के माध्यम से प्रस्ताव रखा था, जिसमें गाजा पर कब्जा करने और बंधकों को रिहा कराने के लिए हमास से बातचीत करने का सुझाव दिया गया था। इस प्रस्ताव की सभी शर्तों को मान लिया गया है और सेना को कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया है। यह कदम तब आया है जब हमास ने इजरायल के साथ युद्धविराम की ओर संकेत दिया है।इजरायल-हमास युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था। उस दिन हमास ने अचानक ऑपरेशन “अल-अक्सा फ्लड” लॉन्च करके इजरायल पर हमला किया। इस हमले में 1195 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए, जिनमें 815 नागरिक शामिल थे। इसके अलावा हमास ने 251 लोगों को बंधक बना लिया। हमास ने अपने हमले का कारण बताते हुए कहा कि यह इजरायल द्वारा अल-अक्सा मस्जिद पर हमले का जवाब था।

इजरायल की जवाबी कार्रवाई – ऑपरेशन आयरन स्वॉर्ड्स
हमास के हमले के जवाब में इजरायल ने ऑपरेशन “आयरन स्वॉर्ड्स” शुरू किया। 7 अक्टूबर 2023 को गाजा में हवाई हमले किए गए और 27 अक्टूबर 2023 से जमीनी हमले शुरू हुए। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक गाजा और फिलिस्तीन में हमलों के दौरान 62,064 लोग मारे गए और 1,56,000 से अधिक लोग घायल हुए। इसमें 36,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिक और 20,000 हमास आतंकवादी शामिल हैं। इजरायल ने गाजा की पूरी तरह नाकेबंदी कर दी है और आवश्यक सप्लाई पर रोक लगा दी है, जिससे भुखमरी और कुपोषण के हालात पैदा हो गए हैं। गंदगी, अकाल और नरक जैसे हालात ने गाजा को रहने लायक नहीं छोड़ा। जुलाई 2025 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने चेतावनी दी थी कि गाजा में भुखमरी फैल चुकी है और 103 बच्चे भुखमरी से मर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और युद्धविराम प्रयास
गाजा में जारी संकट पर संयुक्त राष्ट्र, यूके, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इजरायल की कड़ी निंदा की है। मिस्र, कतर और अन्य मध्यस्थों ने युद्धविराम के प्रयास किए, लेकिन इजरायल ने हमास को जड़ से समाप्त करने का संकल्प जताया है। गाजा की 80% आबादी, लगभग 2.3 मिलियन लोग, अब बेघर हो चुके हैं और जीवन संकट में है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि अब इजरायल की प्राथमिकता गाजा पर नियंत्रण स्थापित करना और बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है और किसी भी परिस्थिति में हमास को पूरी तरह नष्ट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।











