Ambikapur News : शहर में मंगलवार दोपहर को महज एक घंटे हुई तेज बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश के बाद पूरा शहर जलमग्न हो गया। मुख्य बाजारों से लेकर मोहल्लों तक जर्जर हो चुके सड़कों पर पानी भर गया। पैदल चलने वाले लोग जहां कीचड़ और गड्ढों से परेशान रहे, वहीं वाहन चालकों को जगह-जगह जलभराव के कारण घंटों समस्याओं से जूझना पड़ा।

सबसे चौंकाने वाली स्थिति उस समय बनी जब मंत्री राजेश अग्रवाल के गांधी चौक रिंग रोड स्थित शासकीय निवास परिसर में ही बारिश का पानी घुस गया। कैंपस लबालब हो गया और हालात ऐसे बने कि नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाना पड़ा। निगम अमले ने मोटर पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया, लेकिन सवाल यह उठने लगा है कि जब मंत्री का शासकीय आवास ही जलभराव से अछूता नहीं है, तो आम नागरिकों की स्थिति कैसी होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हालात बनते हैं, लेकिन नगर निगम सिर्फ कागजी योजनाओं तक सीमित रहता है। करोड़ों रुपये की ड्रेनेज योजना का दावा करने के बावजूद आज भी शहर के अधिकांश हिस्सों में नालियां या तो जाम हैं या आधी-अधूरी बनी हुई हैं। साथ ही जर्जर और खस्ताहाल सड़कें किसी से छुपी नहीं हैं, परिणामस्वरूप थोड़ी सी भी बारिश में जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है।
मंत्री के निवास में पानी घुसने की घटना ने विपक्ष को भी बड़ा मुद्दा थमा दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि जब सरकार और मंत्री खुद अपने घरों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं तो आम जनता के घरों और जीवन की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है।
अंबिकापुर के नागरिकों ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने की ठोस पहल की मांग की है। लगातार जलभराव की समस्या ने न केवल आम जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ा दिए हैं।
बारिश ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अंबिकापुर की जलनिकासी व्यवस्था कितनी लचर है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।










