Himachal landslide : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गुरुवार को भूस्खलन की भीषण घटना ने एक बार फिर भारी तबाही मचा दी है। भारी बारिश के कारण इरावदी नदी का जलस्तर बढ़ गया और भरमौर विधानसभा क्षेत्र के सलोन गाँव को पूरी तरह पानी में बहा ले गया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है और दो निवासी अभी भी लापता हैं।

चंबा में हुआ भारी नुकसान
बसंधन गाँव में एक दुखद घटना सामने आई, जहां एक भाई-बहन पहाड़ की ढलान से गिरते पत्थरों के दृश्य को देखने के लिए घर से बाहर निकले थे, लेकिन अचानक आए भूस्खलन की चपेट में आकर वे ज़िंदा दफ़न हो गए। वहीं, मेहला क्षेत्र में भी एक और भूस्खलन हुआ, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई।

स्थानीय विधायक डॉ. जनक राज ने गाँव के पूरी तरह डूब जाने और कई लोगों के लापता होने की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दशकों में उन्होंने इरावदी नदी को इतनी भयावह स्थिति में कभी नहीं देखा।
लगातार हो रही भारी बारिश से हालात गंभीर
20 जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों में कुल 158 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 38 लोग अभी भी लापता हैं। प्रदेश में अब तक 90 बाढ़, 42 बादल फटने और 85 बड़े भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिससे लगभग 2,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अकेले चंबा जिले में 51 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
राज्य के 10 जिलों में लगभग 584 सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों की संपर्क व्यवस्था बाधित है। खासकर चंबा और मनाली के कुछ हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क भी ठप है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वैष्णो देवी मार्ग पर भी भूस्खलन की घटना
मंगलवार दोपहर वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा के दौरान अर्धक्वाँरी में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन हुआ। अचानक पहाड़ से चट्टानें और बड़े पत्थर गिरने लगे, जिससे तीर्थयात्रियों में भगदड़ मच गई। इस घटना में कई तीर्थयात्री भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिनमें से छह गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें भरमौर अस्पताल के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
प्रशासन की तत्परता और भविष्य की सावधानियाँ
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगस्त के अंत तक येलो अलर्ट जारी किया है, जो भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना को दर्शाता है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बचाव दल, पुलिस और चिकित्सा टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से बचने के लिए स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, जोखिम वाले क्षेत्रों में आवाजाही सीमित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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