Ayushman Bharat Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित क्लेम दावों का भुगतान शुरू कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित कुल राशि में से 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त निजी अस्पतालों को जारी कर दी गई है। यह भुगतान प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सक्रिय पहल से शुरू हुई है, जिससे प्रदेश के करीब 1000 निजी अस्पताल संचालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

900 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान में से 375 करोड़ की पहली किश्त जारी
छत्तीसगढ़ में करीब 1000 निजी अस्पतालों का लगभग 900 करोड़ रुपये का क्लेम लंबित था। लंबित भुगतान को लेकर अस्पताल संचालकों ने 31 अगस्त तक भुगतान न होने की स्थिति में आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज बंद करने की चेतावनी भी दी थी। इस दबाव के बाद राज्य सरकार ने समयबद्ध तरीके से बकाया राशि का भुगतान शुरू कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वित्त विभाग से विमुक्ति आदेश मिलने के साथ ही निजी अस्पतालों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है। पहले चरण में 375 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है और सरकार का लक्ष्य है कि 31 अगस्त तक पूरे बकाया का भुगतान पूरा कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “सरकार नागरिकों के हितों को सर्वोपरि मानती है। स्वास्थ्य सेवाएं राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं। इसलिए मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। शासन स्तर से निजी अस्पतालों को लंबित राशि का भुगतान शुरू कर दिया गया है और जल्द ही पूरा बकाया चुका दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैशलेस इलाज सेवा में कोई बाधा नहीं आएगी और राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए प्रतिबद्ध है।
निजी अस्पतालों को राहत
लंबित भुगतान की समस्या के कारण कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज सेवा बंद करने की धमकी दी थी, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। अब भुगतान शुरू होने से अस्पताल संचालकों को वित्तीय राहत मिलेगी और वे योजना के तहत मरीजों को बिना किसी रुकावट के इलाज प्रदान कर सकेंगे। यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार की जनता के स्वास्थ्य हित में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी।
आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज की अहमियत
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे वे बिना आर्थिक बोझ के अस्पताल में उपचार करा पाते हैं। इस योजना के सफल संचालन के लिए निजी अस्पतालों का समर्थन और भुगतान का समय पर होना बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती को समझते हुए अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान प्राथमिकता पर रखा है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित क्लेम दावों का भुगतान प्रक्रिया शुरू कर व्यापक राहत दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन के साथ 31 अगस्त तक पूरे भुगतान की उम्मीद है। इससे प्रदेश के हजारों अस्पतालों को आर्थिक मदद मिलेगी और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
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