Bihar Terror Alert : भारत-नेपाल सीमा एक बार फिर आतंकवादी घुसपैठ का माध्यम बन गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन पाकिस्तानी नागरिक नेपाल के रास्ते बिहार सीमा से भारत में घुसपैठ कर चुके हैं। इस सूचना के बाद पूरे बिहार राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

खुफिया रिपोर्ट का दावा, नेपाल का खंडन
भारतीय एजेंसियों के अनुसार, तीनों संदिग्ध — हसनैन अली, आदिल हुसैन और मोहम्मद उस्मान — अगस्त के दूसरे सप्ताह में काठमांडू पहुंचे और वहां से बिहार की सीमा में दाखिल हो गए। हालांकि, नेपाल सरकार और आव्रजन विभाग ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि तीनों नागरिक नेपाल से मलेशिया रवाना हो चुके हैं। नेपाल के आव्रजन विभाग के प्रवक्ता टीकाराम ढकाल ने बताया कि हसनैन और आदिल 15 अगस्त की रात को, जबकि उस्मान 18 अगस्त को काठमांडू से कुआलालंपुर की उड़ान से रवाना हुए। नेपाल पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी यही बयान दिया है।

बिहार में सुरक्षा कड़ी, सीमावर्ती जिले सतर्क
इस बीच, बिहार पुलिस ने तीनों संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर दी हैं और राज्यभर में चौकसी बढ़ा दी गई है। सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण जैसे सीमावर्ती जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
क्यों बढ़ा खतरा?
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ये आतंकवादी भारत में किसी बड़े हमले की योजना बना सकते हैं। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादियों की रणनीति में बदलाव देखा है। अब वे जम्मू-कश्मीर की सीमा के बजाय भारत-नेपाल जैसे खुले बॉर्डर से घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत-नेपाल की लगभग 1,751 किमी लंबी खुली सीमा में से 729 किमी का हिस्सा बिहार से जुड़ा है। यह क्षेत्र लंबे समय से तस्करी और अवैध गतिविधियों का गढ़ रहा है, जिसे अब आतंकी संगठनों द्वारा भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
चुनावी माहौल में सुरक्षा अहम
बिहार में आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में आतंकवादियों की घुसपैठ की खबर ने राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। केंद्र और राज्य सरकार इस मुद्दे पर सतर्कता बरत रही हैं।










