Surguja Sand Mafia : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रेत माफियाओं ने कानून को खुली चुनौती दी है। अंबिकापुर के व्यस्त गांधी चौक पर रेत से भरी टीपर को कार्रवाई के लिए ले जा रहे एक माइनिंग कांस्टेबल के साथ माफियाओं ने न केवल मारपीट की, बल्कि सरकारी कब्जे में लिए गए वाहन को जबरन छीनकर फरार हो गए। यह घटना जिले में रेत माफिया के बढ़ते हौसलों और सरकारी तंत्र पर उनके हमले को दर्शाती है। घटना उस समय हुई जब रायपुर से आई खनिज विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड टीम द्वारा पकड़े गए अवैध रेत से लदे चार टीपर वाहनों को माइनिंग आरक्षक तारकेश्वर वर्मा कलेक्टोरेट परिसर ले जा रहे थे।

माइनिंग कांस्टेबल से मारपीट और वाहन की लूट
मामले के विवरण के अनुसार, बीती रात फ्लाइंग स्क्वायड ने अवैध रेत परिवहन करते हुए चार टीपरों को पकड़ा था। आरक्षक तारकेश्वर वर्मा को इन वाहनों की सुरक्षा और उन्हें कलेक्टोरेट तक पहुँचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जैसे ही वाहनों का काफिला शहर के गांधी चौक पर पहुँचा, रेत कारोबार से जुड़े कुख्यात लहटन खान और उसके साथियों ने वाहनों को बीच सड़क पर घेर लिया। उन्होंने आरक्षक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की और बलपूर्वक एक टीपर को छुड़ा ले गए। आरक्षक के विरोध के बावजूद माफियाओं ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए वाहन को वहां से भगा लिया। शेष तीन टीपरों को किसी तरह कलेक्टोरेट परिसर तक पहुँचाया गया।

पुलिस प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: एफआईआर दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही खनिज विभाग की टीम और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरक्षक की शिकायत पर गांधीनगर थाने में तत्काल मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने जानकारी दी कि आरोपी लहटन खान, टीपर चालक सोनू, खलासी और उनके अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं जैसे 191(2), 221, 121(2), 123, 296 और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रेत माफियाओं पर नकेल कसने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड की दबिश
गौरतलब है कि कोरिया जिले में रेत तस्करी के विवाद के बाद हुई हत्या और जानलेवा हमले की घटना के बाद शासन-प्रशासन काफी सतर्क हो गया है। इसी के चलते रायपुर से आई खनिज विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड टीम संभाग भर में ड्रोन कैमरों की मदद से रेत के अवैध उत्खनन, डंपिंग और परिवहन की गहन जांच कर रही है। कोरिया, एमसीबी और सूरजपुर के बाद अब टीम सरगुजा जिले के रेत घाटों को भी खंगालने की तैयारी कर रही है।
प्रशासनिक दावों के बावजूद नदियों से जारी है अवैध उत्खनन
भले ही शासन द्वारा 10 जून के बाद से रेत उत्खनन पर आधिकारिक रोक लगा दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सरगुजा संभाग की विभिन्न नदियों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अवैध रेत का कारोबार जारी है। माफियाओं द्वारा सरकारी टीम पर किया गया यह हमला यह साबित करता है कि उन पर प्रशासन का डर कम और मुनाफे की भूख अधिक है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और खनिज विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई कब तक इन माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।
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