Sikh man shot USA : अमेरिका के लॉस एंजिल्स से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सिख युवक गुरुप्रीत सिंह की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई। यह घटना 13 जुलाई को हुई, लेकिन अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में है। घटना को लेकर सिख समुदाय और मानवाधिकार संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

क्या है पूरा मामला?
लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) के मुताबिक, 13 जुलाई को पुलिस को एक आपात कॉल मिली थी जिसमें बताया गया था कि एक व्यक्ति सड़क के बीचोंबीच तलवार लहराते हुए लोगों को धमका रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि युवक को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने न सिर्फ अनदेखी की, बल्कि पुलिस अधिकारियों पर भी हमला करने की कोशिश की।

इसके बाद आत्मरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें गुरुप्रीत सिंह को गोली लगी और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस की बॉडीकैम फुटेज और चश्मदीदों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में सामने आया वायरल वीडियो इस घटना को एक अलग नजरिए से दिखा रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि युवक के पास एक करद (सिखों की धार्मिक कृपाण) थी, जिसे शायद पुलिस ने तलवार समझ लिया। वीडियो में युवक की भाषा और हावभाव से ऐसा प्रतीत होता है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद LAPD की कार्यप्रणाली और निर्णय पर सवाल उठने लगे हैं।
सिख समुदाय का आक्रोश
अमेरिका समेत दुनियाभर के सिख समुदाय ने इस घटना की निंदा की है। कई सिख संगठनों ने LAPD के खिलाफ प्रदर्शन और जांच की मांग की है। सिख कोएलिशन और UNITED SIKHS जैसे संगठनों ने इस मामले को “धार्मिक असहिष्णुता और नस्लीय प्रोफाइलिंग” करार देते हुए न्याय की मांग की है।
मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
ह्यूमन राइट्स वॉच और ACLU जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस फायरिंग की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अमेरिका में अल्पसंख्यकों, खासकर धार्मिक प्रतीकों के साथ घूमने वालों के प्रति पुलिस का रवैया कठोर होता जा रहा है।
क्या कहती है LAPD?
LAPD ने फिलहाल घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और यह भी स्पष्ट किया है कि वे सामुदायिक नेताओं के साथ संपर्क में हैं। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी और यदि कोई अधिकारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुप्रीत सिंह की मौत ने एक बार फिर अमेरिका में पुलिस की कार्रवाइयों, धार्मिक प्रतीकों की पहचान और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस घटना ने न सिर्फ सिख समुदाय को झकझोरा है, बल्कि दुनियाभर में धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों को लेकर बहस को फिर से हवा दी है।
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