Ben Stokes Retirement : इंग्लैंड क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर पूरे खेल जगत को भावुक कर दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में चल रहा टेस्ट मैच उनके शानदार करियर का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इसके साथ ही एक ऐसे युग का समापन हो रहा है जिसमें स्टोक्स ने अपनी प्रतिभा और जुझारूपन से इंग्लैंड को कई ऐतिहासिक जीतें दिलाईं। अपने करियर की शुरुआत 2011 में व्हाइट बॉल फॉर्मेट से करने वाले स्टोक्स ने 2013 में एशेज के दौरान टेस्ट डेब्यू किया था। अप्रैल 2022 से उन्होंने इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली और अपने नेतृत्व में टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।

2019 वर्ल्ड कप का वो ऐतिहासिक नायक
बेन स्टोक्स के करियर को जब भी याद किया जाएगा, 2019 का वर्ल्ड कप फाइनल हमेशा चर्चा के केंद्र में रहेगा। लॉर्ड्स के मैदान पर खेली गई उनकी नाबाद 84 रनों की जादुई पारी ने इंग्लैंड को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसी वर्ष हेडिंग्ले में खेले गए एशेज टेस्ट में उनकी नाबाद 135 रनों की साहसिक पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, 2016 के केपटाउन टेस्ट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई उनकी 258 रनों की तूफानी पारी ने दुनिया को उनकी बल्लेबाजी की क्षमता से परिचित कराया था।

क्रिकेट बोर्ड और प्रशंसकों के लिए प्रेरणास्रोत
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने स्टोक्स को इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम खिलाड़ियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि स्टोक्स ने न केवल अपने प्रदर्शन से बल्कि अपने जज्बे से भी आने वाली पीढ़ी के क्रिकेटरों को प्रेरित किया है। संकट की घड़ियों में टीम को बाहर निकालना और विपरीत परिस्थितियों में कभी न हार मानने वाला उनका स्वभाव ही उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। करोड़ों क्रिकेट प्रेमी हमेशा उस खिलाड़ी को याद रखेंगे जिसने अपनी टीम के लिए मैदान पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्टोक्स का सांख्यिकीय सफर
बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों की दृष्टि से भी अविश्वसनीय रहा है। उन्होंने 121 टेस्ट मैचों में 34.58 की औसत से 7228 रन बनाए और गेंदबाजी में 246 विकेट चटकाए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 99 पारियों में 41.22 के औसत से 3463 रन बनाने के साथ 74 विकेट भी अपने नाम किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में भी उन्होंने 585 रनों के साथ 26 विकेट लेकर अपनी ऑलराउंड क्षमता का परिचय दिया। एक ऐसे खिलाड़ी का संन्यास लेना जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में विश्व स्तरीय रहा हो, इंग्लैंड के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके संन्यास के बाद मैदान पर वह ‘स्टोक्स वाला जलवा’ अब प्रशंसकों को यादों में ही नजर आएगा।










